बलिया डेस्क : बीते दिनों बलिया के जिलाधिकारी ने गंगापार नौरंगा में चौपाल में प्राथमिक स्कूल के बच्चों का टेस्ट लिया था और दिलचस्प बात यह रही कि जिलाधिकारी के इस टेस्ट में एक तरफ जहाँ बच्चे पास हो गए थे, वहीँ इसी दौरान स्कूल के प्रधानाध्यापक और टीचर फेल हो गए थे.
चौपाल में डीएम ने प्रधानाध्यापक से पहले गणित का सवाल पूछा जिसका सटीक जवाब नहीं मिल सका. इसके बाद उन्होंने विज्ञान का प्रशन पूछा पर गुरूजी वह भी नहीं बता पाए थे. ऐसे में अब इस मामले में जिलाधिकारी एक्शन में हैं. उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी को इसकी जांच करना का आदेश दिया है. जिलाधिकारी ने स्थिति को बेहद खराब बताया है. इसके साथ ही एम एस सी डिग्री धारी शिक्षक की मुश्किलें बढ़ गई हैं.
दरअसल कटान और विकास कार्यों की समीक्षा करने के लिए गंगा पार की पंचायत नौरंगा में चौपाल लगाई गयी थी. बलिया के डीएम इसकी अध्यक्षता कर रहे थे. इस दौरान ग्रामीणों ने शिकायत की कि यहाँ के प्राथमिक विद्यालयों में टीचर नहीं आते हैं. मौके पर डीएम ने प्रधानाध्यापक को तलब किया और इसके बाद उनसे विज्ञान और गणित का सवाल पूछा गया, जिसका वह सटीक जवाब नहीं दे पाए.
बड़ी बात यह थी कि वही सवाल का सटीक जवाब वहां ही मौजूद छठी क्लास के एक बच्चे ने दिया था. इसके बाद डीएम ने चेतावनी दी थी और सुधार लाने को कहा था. अब डीएम ने इसे गंभीरता से लिया है और टीचर की योग्यता की जांच का आदेश दिया है.
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