दोस्तों आप सभी जानते है किसी भी खेल के मैदान में जब खिलाडी खेलता है तो उसके अंदर जोश और जूनून होता है कभी कभी वह अपने आक्रोश को नहीं रोक पता है चाहे फूटबाल का खेल हो , हॉकी का खेल हो या क्रिकेट का खेल हो अक्सर देखने को मिलता है की दो प्लेयर्स आपस में भीड़ जाते है यह तक की एक दूसरे को गली तक बक देते है , क्रिकेट में तो यह आम हो गया है कभी बॉलर बैट्समैन को किसी न किसी बात पर ऐटिटूड देखता है या बैट्समैन बॉलर को ऐटिटूड दिखाता है कभी किसी फील्डर से मिस फील्ड हो जाती है तो बॉलर उसको कुछ बोलने लगता है .
दोस्तों आज हम आप को एक ऐसा ही एक दिलचस्प वाक़्या बताने जा रहे है जो क्रिकेट से जुड़ा है ,क्रिकेट के मैदान पर गली गुफ़्तार के मौके तो अनगिनत आए है स्लेजिंग का एक लम्बा इतिहास रहा है लेकिन ऐसा होना दुर्लभ है की स्लेजिंग हिंसा में बदल गई हो , मार पीट का माहोल बन गया हो कई साडी ऐसी घटना हो चुकी है जिनमे से एक यह यह है की यह घटना 29 जनवारी 1991 की है , भारत के डोमेस्टिक टूर्नामेंट यानि की दलित ट्रॉफी का फाइनल चल रहा था जमशेदपुर में .
नार्थजोने और वेस्टजोने के बिच यह मैच हो रहा था इस फाइनल के आखिरी दिन जो हुआ उसने क्रिकेट बिरादरी को शर्मसार कर दिया एक गेंदबाज़ ने स्टंप उखाड़ कर हमला बोल दिया नॉन स्ट्राइकर बिच बचाओ के लिए आए तो उनको भी मारा ,उस गेंदबाज़ का नाम था रशीद पटेल , जो बैट्समैन उनके निशाने पर थे वह थे रमन लम्भा नॉन स्ट्राइकर एन्ड से आकर पीटने वाले खिलाडी थे अजय जातेजा .
तो आए बताते है की उस दिन हुआ क्या था मैच का आखिरी दिन था और कमाल की बात यह है मैच में कोई कर्रेंट नहीं बचा था ड्रा होना तय था नार्थ जोन ने पहले बैटिंग करते हुआ 729 रन बनाया था जवाब में वेस्ट जोन 561 रन तक पंहुचा इन सब में 4 दिन बीत गए …आगे देखिये वीडियो
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