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इस ‘चमत्कार’ की वजह से एआर रहमान ने बदल लिया था अपना धर्म…

दोस्तों आप सभी जानते है दुनिया के मशहूर म्यूजिशियन में शुमार एआर रहमान इन दिनों चर्चा में हैं उनके धर्म परिवर्तन को लेकर और उनकी बेटी का बुरखा पहन कर सामने आने को लेकर काफी ज़ादा चर्चा आज कल हो रही है एआर रहमान भारत में ही नहीं बल्कि विश्व भर में मशहूर है इनके फैंस दुनिया के हर कोन कोन में मौजूद है करोड़ो फैंस के दिलो पर इनके म्यूजिक का जादू चलता है .

एआर रहमान भारत के सबसे लखप्रिये म्यूजिशियन है एआर रहमान को ऑस्कर अवार्ड से भी नवाज़ा जा चूका है हाल ही में एक हाल ही में स्लमडॉग मिलिनेयर के 10 साल पूरा होने पर एक इवेंट हुआ था. इसमें एआर रहमान की बेटी खातिजा भी पहुंची थीं. उन्होंने बुर्का पहन रखा था. स्टेज पर पापा के करियर पर बात करते हुए खातिजा रहमान भावुक हो गई थीं. इवेंट के बाद खातिजा रहमान के बुर्के में आने को लेकर सोशल मीडिया में काफी ज़ादा बहस देखने को मिला.

लोग कई तरह तरह के सवाल जवाब कर रहे है और काफी ज़ादा चर्चा होने लगी है हर तरफ इसी टॉपिक पर बहेस हो रही है आज हम बात करेंगे उस चम्तकार की जिसकी वजह से एआर रहमान ने अपना धर्म परिवर्तन किया था दुनिया के बेहतरीन म्यूजिशियन को अपनी जिंदगी में बेहद संघर्ष के दौर से गुजरना पड़ा है. बहुत से लोगों को पता है कि एक खास वजह से उन्होंने धर्म परिवर्तन कर लिया था.

पहले एआर रहमान का नाम दिलीप कुमार था. एक ‘चमत्कार’ के चलते उन्होंने अपना धर्म बदला था. एक इंटरव्यू में उन्होंने इस बात का जिक्र भी किया था. एआर रहमान ने कहा था, “मेरी मां हिंदू धर्म को मानती थीं, लेकिन उन्हें सूफी संत पीर करीमुल्लाह शाह कादरी पर काफी यकीन था. जब 23 साल की उम्र में उनकी बहन की तबीयत खराब हो गई थी तो मेरी मां सभी को लेकर इस्लामिक स्थल पर गईं. इसी से चमत्कार हुआ. मेरी बहन की सेहत में सुधार हुआ.

एआर रहमान ने कहा था ‘इसका मेरे ऊपर इतना गहरा प्रभाव पड़ा कि मैंने धर्म परिवर्तन कर लिया और इस्लाम स्वीकार कर लिया. मैंने मेरा नाम ‘अल्लाह रक्खा रहमान’ रख लिया.’ बता दें कि अब सिंगर को ए आर रहमान के नाम से जाना जाता है. एआर रहमान ने कहा “मुझे समझ आ गया था कि एक रास्ते को चुनना ही सही है. सूफिज्म का रास्ता मुझे और मेरी मां दोनों को बहुत पसंद था. इसलिए हमने सूफी इस्लाम को अपना लिया था.” ए आर रहमान को अपना पुराना दिलीप कुमार पहले से नहीं पसंद था . एआर रहमान ने बताया था, ‘हिंदू ज्योतिष ने मुझे मुस्लिम नाम दिया था.

सूफिज्म अपनाने से पहले मैं एक ज्योतिष के पास अपनी बहन की कुंडली दिखाने गया था. ज्योतिष ने मुझसे कहा कि अब्दुल रहमान और अब्दुल रहीम नाम मेरे लिए ठीक होगा. मुझे रहमान नाम पसंद आ गया और मेरी मां चाहती थीं कि मैं अपने नाम में अल्लाह रक्खा भी जोडूं. इसलिए मेरा नाम अल्लाह रक्खा रहमान हो गया.’

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