इस्लाम एक ऐसा मज़हब है कि जिसमे ज़िन्दगी के हर हिस्से की रहनुमाई की गयी है इस्लाम जब इस दुनिया में आया तो दुनिया में घोर अन्धकार फैला हुआ था और अरब का तो ये हाल था कि वो बुत परस्त तो थे ही साथ में उनके अन्दर और भी कई बुराई पायी जाती थी जैसे कि वो छोटी-छोटी सी बात पर आपस में लड़ पड़ते थे और ये लडाई कई-कई साल तक चलती रहती थी इसके अलावा वो लड़की पैदा होने पर बहुत शर्मिंदगी महसूस करते थे और पैदा हुई लड़की को जिंदा दफ़न कर देते थे और वो किसी के ऊपर भी तरस नहीं खाते थे शराब पीना उनके लिए आम बात थी और शराब पीकर वो खूब आफत मचाते थे.
इसके बाद रोम और फारस जो उस वक़्त दुनिया की बहुत बड़ी ताक़त थे वो आपस में खूब लड़ते थे और लडाई के दौरान गिरफ्तार हुए लोगो के साथ जानवर जैसा सुलूक करते थे लेकिन जब इस्लाम आया तो सबसे पहले अरब के हालात ठीक हुए और उन्हें गुमराही के घटाघोप अँधेरे से निकाल कर पैगम्बरे इस्लाम ने हक का रास्ता दिखाया.
इस्लाम जब दुनिया में आया तो इसके साथ कुरान का नुजूल भी हुआ ये एक किताब है जो कि आसमानी किताब है आपको बता दें कि कुरान और पैगम्बरे इस्लाम के कहे के मुताबिक जिन लोगो ने भी अमल किया वो सब के सब कामयाब हो गए आज हम भी आपको कुरान की एक ऐसी आयत के बारे में बताएँगे जिसे पढ़कर आप हर मुश्किल का हल निकाल सकते हैं.
ये आयत कुछ इस तरह है ‘रब्बना आतेना फिददुनिया हसनतव व फिल आखिरती हसनतव वकेना अजाब्न्नार’ (सुरह अल बकरा आयत नo 201) इसका मतलब ये है कि ‘ऐ हमारे रब हमें दुनिया में भी भलाई दे और आखिरत में भी भलाई अता फरमा और हमें आग के अज़ाब से बचा’ ये एक ऐसी दुआ है जिसके पढ़ने से आपको दुनिया में भी कामयाबी मिलेगी और इंशाल्लाह आखिरत के दिन भी आप कामयाब हो जायेंगे.
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