बलिया : कोरोनाकाल में जनसुनवाई पोर्टल पर लोगों की शिकायतों का भरमार हो गया है और पहले के मुकाबले अब लोग पोर्टल पर ही अपनी शिकायत और परेशानी दर्ज करा रहे हैं. दरअसल इसकी एक वजह यह भी है कि कोरोना की वजह से अब भी तमाम कार्यालयों में कर्मचारियों की मौजूदगी सामान्य नहीं है.
ऐसे में लोग इधर उधर भटकने के बजाय जन सुनवाई पोर्टल पर ही अपनी शिकायत दर्ज करवा रहे हैं. लेकिन बड़ी बात यह है कि जिस उम्मीद के साथ लोग जनसुनवाई पोर्टल पर लोग अपनी शिकायत दर्ज करवा रहे हैं, अधिकारीयों और कर्मचारियों की उदासीनता से उन्हें काफी निराशा हो रही है.
ऐसा कहा जा रहा है कि लोगों की परेशानियों के निस्तारण के बजाय पोर्टल पर आंकड़ों को दुरुस्त करने का खेल किया जा रहा है और लोगों को समस्याएँ जस की तस बनी हुई हैं. ऐसे में आम लोगों को इधर उधर भटकना पड़ रहा है. अधिकारीयों का कहना है कि लॉकडाउन के बीच अप्रैल से जून तक हर महीने लगभग दो सौ शिकायतें पोर्टल पर दर्ज की जा रही थी लेकिन अब जुलाई और अगस्त महीने में इसमें काफी इजाफा हुआ और शिकायतों का आंकड़ा हर महीने 620 के करीब पहुँच गया.
लेकिन आरोप यह भी लग रहे हैं कि जनसुनाई पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा और बिना मौके पर गए ही जैसे तैसे काम किया जा रहा है, जिससे लोग नाखुश हैं. लिलकर निवासी राकेश राय का कहना है कि ग्राम सभा की ज़मीन पर अतिक्रमण की शिकायत तीन महीने मर तीन बार दर्ज कराई गयी जनसुनवाई पोर्टल पर. लेकिन बिना पैमाइश के ही अधिकारीयों ने मामले का निस्तारण कर दिया.
वहीँ इसके बाद उस ज़मीन पर पक्की दिवार बना दी गयी. इस तरह के तमाम मामले सामने आ चुके हैं जिसमे बस आंकड़ों के साथ निस्तारण का खेल कर दिया जा रहा है. इस मामले पर एडीएम राम आसरे ने बताया कि शिकायत का फर्जी निस्तारण वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा.
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