यूं तो बलिया प्रदेश सरकार में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह का क्षेत्र है। लेकिन यहां की यातायात व्यवस्थाएं बुरी तरह चरमराई हुई हैं। हालात यह है कि वाराणसी से बलिया तक केवल एक ही बस चलती है। अगर यह बस छूट जाए तो यात्रियों को बस बदलकर यात्रा करनी पड़ती है। लेकिन परिवहन विभाग यात्रियों की परेशानी पर संज्ञान नहीं दे रहा।
बनारस से बलिया तक केवल एक ही सीधी बस चलने के कारण यात्रियों को बस बदलकर वाराणसी तक का सफर तय करना पड़ता है। इससे समय के साथ साथ पैसे भी खर्च होते हैं। आमतौर पर बलिया जाने के लिए लोगों को पहले बनारस से गाजीपुर और मऊ तक जाना पड़ता है। इसके बाद यहां से बस बदलकर बलिया यात्री जाते हैं। इसी रास्ते से बलिया से लोग वाराणसी जाते हैं।
यूं तो वाराणसी से बलिया तक 14 ट्रेनें चलती हैं। सुबह 6.30 बजे से रात 11.35 तक ट्रेन मिल जाती हैं। लेकिन बस में सफर काफी आसान होता है। इसलिए लोग ट्रेन की जगह बस से सफर करना ज्यादा मुनासिब समझते हैं। लेकिन सीधी बस नहीं चलने से उनकी परेशानी बढ़ गई है।
क्षेत्रीय प्रबंधक केके तिवारी का कहना है कि बलिया तक केवल एक बस ही इस समय चल रही है। पहले से समय सारिणी भी यही है। यात्रियों की सुविधा के लिए कुछ और बसों के बलिया तक चलाए जाने का निर्णय लिया गया है। इस दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इधर परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए बनारस से बलिया के लिए जल्द ही रोडवेज की दो बसें चलवाई जाएंगी। इसके लिए विभाग के संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश जारी किया जाएगा, जिससे कि जल्द से जल्द लोगों को इसका लाभ मिल सके।
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