बलिया। उत्तर प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि खेती बारी और किसानी को कारपोरेट के हाथ में सौंपने वाले कृषि कानूनों को लेकर विपक्ष नहीं, सत्ता पक्ष देश को गुमराह कर रहा है। इस मामले में भारत सरकार और भाजपा नेतृत्व वाली राज्य सरकारें अम्बानी और अडानी समूह के वर्कर के रूप में काम कर रही हैं, खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके वर्कर की भाषा बोल रहे हैं।
कृषि सम्बन्धी यह तीनों कानून लागू हो गए तो खेती बारी और किसानी अडानी अम्बानी समूह और उनके गिरोह के कारपोरेट के हाथ में होगी। इससे बचने के लिए किसान आंदोलन कर रहा है। इस आंदोलन में अब तक बीस किसान शहीद हो चुके हैं। इसे लेकर व्यथित एक संत अपनी जान दे चुके हैं। इसके बाद भी सरकार संवेदनहीन बनी हुई है।
प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी ने अभी तक इन शहीद परिवारों के आंसू पोछने की कोशिश भी नहीं की। उन्होंने कहा कि दुनियां में कोई अमर नहीं है। जो आया है, उसे आज नहीं तो कल जाना पड़ेगा । यह दौलत जिसके लिए अडानी अम्बानी समूह और उनकी सरकारों के द्वारा यह मौत का खेल खेला जा रहा है, यहीं रह जाएगी।
इस सच को अम्बानी, अडानी समूह और उनके वर्कर के रूप में काम सरकारों को भी समझना चाहिए और मोदी योगी को भी। नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी यदि अम्बानी अडानी समूह की जगह किसानों के प्रति वफ़ादार हैं तो खेती बारी और किसानी को निगलने वाले इन कृषि कानूनों को अविलंब वापस लें, न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानून का रूप दें और आंदोलन में शहीद हुए किसानों को शहीद घोषित करें।
तीन बार के विधायक उमाशंकर सिंह के निधन के बाद रसड़ा की राजनीतिक तस्वीर बदल…
फेफना विधानसभा सीट पर 2027 को लेकर जनता का मूड क्या है? विधायक संग्राम सिंह…
सिकंदरपुर विधानसभा में 2027 की तैयारी शुरू हो चुकी है। विधायक जियाउद्दीन रिजवी के कार्यकाल…
बेल्थरा रोड (सुरक्षित) विधानसभा सीट पर 2027 का मुकाबला दिलचस्प होने वाला है। विधायक हंसू…
बैरिया विधानसभा में 2027 को लेकर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। विधायक जय प्रकाश अञ्चल…
बांसडीह की राजनीति हमेशा से बलिया की सबसे चर्चित सियासी ज़मीन रही है। 2027 से…