चकबंदी में चल रहे रिश्वतखोरी के खेल पर अब प्रशासनिक कार्यवाही तेज हो गई है। तहसील के तीन गांव पूर, सिसोटार व कठौड़ा में रिश्वत लेने के मामले में मुख्य अनु लेखक को निलंबित कर दिया गया है। इस कार्यवाही के बाद से विभाग में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के मुताबिक डॉ. सुभाष सिंह ने आबादी की भूमि का नक्शा छोटा करने को लेकर चकबंदी विभाग में नक्शा दुरुस्ती के लिए कई बार आवेदन दिया। इसके बाद भी मुख्य अनुलेखक राशिद अली काम नहीं किया। इससे परेशान होकर फरियादी ने शिकायत जिला अधिकारी सहित बंदोबस्त अधिकारी धनराज यादव से की।
शिकायत मिलने के बाद बंदोबस्त अधिकारी ने गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच के आदेश दिए। चकबंदी अधिकारी सिकंदरपुर ललित कुमार ने मामले की जांच की। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आबादी की जमीन एक एकड़ से अधिक है, लेकिन उसका नक्शा छोटा कर दिया गया है। दुरुस्त करने के लिए मुख्य अनु लेखक को 3000 रुपये पहले दिए थे। बाद वह सात हजार रुपये और मांग रहा था। जांच में शिकायत सही मिलने पर चकबंदी अधिकारी ललित कुमार ने रिपोर्ट एसओसी को भेज दी। मामले में बंदोबस्त अधिकारी ने मुख्य अनुलेखक राशिद अली को निलंबित कर दिया। वहीं रिश्वतखोर अधिकारी पर कार्यवाही के बाद आम लोगों ने राहत की सांस ली है।
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