हाल ही खुले में नमाज़ को लेकर काफी चर्चा हुई . दरअसल नोएडा के एक पार्क में लोग जुमे की नमाज़ अदा करते थे . उस पार्क में नमाज़ को लेकर यूपी पुलिस ने रोक लगा दी और फरमान जारी कर दिया कि वहां कोई नमाज़ नही पढ़ी जाएगी . अगला जुमा आने से पहले पार्क में पानी भी डलवा दिया गया . जिसके बाद सोशल मीडिया से लेकर मुख्य मीडिया चैनलो पर भी मामला सुर्खियों में था . याब इस मामले में उत्तरप्रदेश के राज्यपाल रामनाईक ने नोयडा में खुले में नमाज़ पढ़ने पर रोक लगाने के मामले में बड़ा बयान दिया है .
हिंदी न्यूज़ पत्रिका के अनुसार सूबे के राज्यपाल रामनाईक ने कानून व्यवस्था को लेकर कहा की वहां के जिलाधिकारी समय समय पर निर्णय लिया करते ही . उन्होंने कहा खुले में नमाज़ पढ़ना कानून व्यवस्था के मद्देनज़र आता है . उन्होंने साथ ये भी कहा कि अगर सरकार के फैसले से किसी को कोई दिक्कत है तो वो अधिकारियों से शिकायत कर सकता है और वह इसके लिए न्यायालयकी भी शरण ले सकता है .
मीडिया से बात चीत के दौरान सूबे के राज्यपाल रामनाईक ने कहा खुले में नमाज़ पढ़ना कानून व्यवस्था के ही तहत आता है और सरकार कानून व्यवस्था को लेकर कोई भी फैसला ले सकती है . सरकार अपना फैसला किसी समुदाय के लिए नही होता है बल्कि फैसले से अगर किसी को किसी तरह की परेशानी है तो वो शिकायत कर सकता है और न्यायालय की मदद कर सकता है .
ये बातें राज्यपाल रामनाईक ने सीतापुर में मीडिया से बात चीत के दौरान कहा . सीतापुर के रामपुरमथुरा कस्बे में एक विद्यालय के वार्षिकोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राज्यपाल रामनाईक ने छात्रों को सम्मानित किया। राज्यपाल राम नाईक के बयान के बाद अब देखते हैं कि ये बहस किस तरफ जाती है क्योंकि ये मामला अब काफी सुर्ख़ियों में है. और नमाज़ इस्लाम का अहम हिस्सा है.
तीन बार के विधायक उमाशंकर सिंह के निधन के बाद रसड़ा की राजनीतिक तस्वीर बदल…
फेफना विधानसभा सीट पर 2027 को लेकर जनता का मूड क्या है? विधायक संग्राम सिंह…
सिकंदरपुर विधानसभा में 2027 की तैयारी शुरू हो चुकी है। विधायक जियाउद्दीन रिजवी के कार्यकाल…
बेल्थरा रोड (सुरक्षित) विधानसभा सीट पर 2027 का मुकाबला दिलचस्प होने वाला है। विधायक हंसू…
बैरिया विधानसभा में 2027 को लेकर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। विधायक जय प्रकाश अञ्चल…
बांसडीह की राजनीति हमेशा से बलिया की सबसे चर्चित सियासी ज़मीन रही है। 2027 से…