लोकसभा चुनाव नज़दीक आने के साथ साथ राजनीतिक पार्टियों में साथ छोड़ना या थामने का सिलसिला जारी है। लोकसभा चुनाव को लेकर सपा और बसपा ने आपस में गठबंधन कर लिया है। हालाँकि कांग्रेस भी इस गठबंधन में शामिल होना चाहती थी लेकिन अखिलेश यादव और मायावती ने उसे किनारे लगा दिया और उन्हें गठबंधन में शामिल नहीं किया। इसके बाद अब कांग्रेस प्रियंका गाँधी की तरफ उम्मीद भरी नज़रों से देख रही है।
कांग्रेस का दावा है कि प्रियंका गाँधी के राजनीति में आने का कांग्रेस को फायदा मिलने वाला है और उत्तर प्रदेश में पार्टी की स्थिति अच्छी हो सकती है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में अब सभी की नज़र आरएलडी पर टिकी है। दरअसल आरएलडी ने अभी तक इसका फैसला नहीं किया है कि वह कांग्रेस के साथ गठबंधन करेगी या फिर गठबंधन में शामिल होगी। लेकिन कहा जा रहा है कि आरएलडी गठबंधन में शामिल हो सकती है। क्योंकि इस चुनाव में गठबंधन की स्थिति ठीक लग रहा है।
हालाँकि अभी हाल ही में उन्होंने कांग्रेस के नेताओं से मुलाकात की थी लेकिन इसके बाद उन्होंने कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के सवाल पर कोई जवाब नहीं दिया था.
बताया जा रहा है कि आरएलडी जयंत चैधरी ज्योतिरादित्य सिंधिया और अखिलेश यादव के संपर्क में बने हुए हैं। अब जयंत चौधरी ने अपने नए बयान में कहा है कि कांग्रेस के साथ गठबंधन करने की कोई बात नहीं चल रही है।
हालाँकि उन्होंने यह भी कहा है कि भाजपा सरकार दलित विरोधी है और किसान और युवा विरोधी भी है। इसलिए इसे एक बार फिर से सत्ता में आने से रोकने के लिए वह विपक्षी एकता बनाने और मज़बूत करने के पक्ष में है। आपको बता दें कि जयंत चौधरी बागपत से चुनाव लड़ना चाहते हैं तो अजीत सिंह मुजफ्फरनगर से चुनाव लड़ना चाहते हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या सपा-बसपा के साथ आने के बाद उन्हें अपनी पसंद की सीट मिलेगी या नहीं?
बलिया।जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं के छात्र-छात्राओं के लिए भव्य विदाई समारोह का…
फेफना (बलिया)। क्षेत्रीय संघर्ष समिति फेफना के नेतृत्व में शुक्रवार को क्षेत्रवासियों ने रेलवे बोर्ड…
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह…
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय…
बलिया जिले की फेफना विधानसभा क्षेत्र के तीखा गांव में टोंस नदी तट पर स्थित…