दोस्तों अस्सलाम वालेकुम रहमतुल्लाहि व बरकातहू दोस्तों आज हम आपके लिए मौलाना तारिक मसूद साहब की एक ऐसी वीडियो लेकर आए हैं जिसमें उन्होंने बताया है कि जब मुसीबत आए तो क्या करना चाहिए तो दोस्तों वह चीज क्या है आइए आपको बताते हैं मौलाना तारिक मसूद साहब ने बताया की यह जो तौहीद का मसला है यह कोई मामूली मसला नहीं है तौहीद मिजाज़ के लोग अलग ही होते हैं वह ताबीज गंडे को नहीं मानते हैं उनके मिजाज में तौहीद होता है वो लोग अरबी तौहीद मिजाज़ के होते है जैसे कि अरबी होते हैं वह ताबीज पर यकीन नहीं करते हैं और अल्लाह पर यकीन करते हैं मौलाना ने अपने बयान में बताया कि मैंने एक लड़के से कहा कि तुम अपना धागा उतार दूं.
उसने कहा कि अगर मैं धागा उतार दूंगा तो मेरे साथ गलत हो जाएगा मौलाना ने कहा कि कुछ नहीं होगा तुम उतार दो और अल्लाह से दुआ करो इन सब चीजों पर यकीन मत किया करो करने वाली जात सिर्फ अल्लाह की है और वही सब कुछ करता है मौलाना कहते हैं कि ताबीज जायज है लेकिन अगर उनमें सही चीज लिखी हो जैसे कि कुरान की आयत तब ही वो तावीज़ सही है और जो तोहिद के मिजाज के लोग होते हैं.
वह पलीते फलीते को नहीं मानते वह उस पर यकीन नहीं करते हैं मौलाना कहते हैं कि जब कोई मुसीबत आए तो 2 रकात नमाज पढ़कर अल्लाह से दुआ करो उसका मजा ही कुछ और है और अल्लाह पाक आपकी दुआ को कबूल करेगा और आपकी मुसीबत को खत्म करेगा मौलाना ने कहा कि यूनुस अलैहिस्सलाम से भी ज्यादा किसी ने मुसीबत झेला है.
उनसे भी ज्यादा किसी की मुसीबत थी वह समुद्र में मछली के पेट में थे तो उन्होंने कोई ताबीज नहीं बांधी बल्कि अल्लाह से दुआ की उन्होंने यह दुआ मांगी ला इलाहा इल्ला अंता सुभानाका इन्नी कुंतुम मिनज़ जालिमीन जिसके बाद उन्होंने अल्लाह से दुआ की और अल्लाह पाक ने उनकी दुआ कबूल किया और वह मछली के पेट से बाहर आएं।। आगे देखें वीडियो में।।
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