क्या बलिया में कोरोना आंकड़ों में हेरफेर कर रहा है स्वास्थ्य विभाग?

बलिया । कोरोना की दूसरी लहर ने देश में हाहाकार मचा दिया है, डर का आलम ये है कि किसी के जिस्म में हरारत की ख़बर सुनते ही मौत की आहट महसूस होती है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के साथ ही देश की स्वास्थ्य व्यवस्था भी पूरी तरह से चरमरा गई है।
करोड़ों रुपये की लागत से बने सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त बेड नहीं है और आक्सीजन की कमी से कई ज़िंदगियां सिसकती नज़र आ रही हैं।

ख़राब स्वास्थ्य व्यवस्था का ये हाल सिर्फ महानगरों में ही नहीं बल्कि छोटे शहरों में भी देखने को मिल रहा है। कुछ ऐसा ही हाल बलिया जनपद का भी है। यहां भी बढ़ते संक्रमण के साथ स्वास्थ्य महकमे की पोल खुलने लगी है। हद तो ये है कि यहां स्वास्थ्य महकमे की ओर से कोरोना मरीज़ों के आंकड़ों में भी उलटफेर किया जा रहा है।

दरअसल, बलिया जिले के बसन्तपुर के कोविड अस्पताल L2 में 23 अप्रैल को 47 मरीज़ बताये गए। बाकायदा इसके बारे में प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई। लेकिन 24 अप्रैल को जारी किए गए आंकड़ों में L2 में मात्र 4 मरीज़ दिखाए गए। जबकि उस दिन मृत्युदर की संख्या में यह मरीज़ शामिल नहीं किये गए। दूसरी ओर बलिया जिले के स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि L1 में 5 मरीज़ हैं और अगले विज्ञप्ति में भी यही आंकड़ा दे दिया गया।

23 अप्रैल को जारी बुलेटिन

दिलचस्प बात तो ये है कि जब बलिया ख़बर  ने इस विषय पर जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से बात की तो उन्हें खुद भी पता नहीं था कि आखिर L2 में कितने मरीज़ हैं। लेकिन उन्होंने L2 में जितने बेड हैं उतने मरीज़ बताकर खुद को बचाने की कोशिश की। गौरतलब है कि उसी दिन सीएमओ साहब ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सभी अखबार से सूचना विभाग के माध्यम से यह प्रकाशित करवाया है कि L2 में 55 बेड उपलब्ध हैं इतना ही नहीं अस्पताल में ऑक्सीजन भी उपलब्ध है।

जबकि मरीज़ों के तीमारदार ऑक्सीजन सिलेंडर की तलाश में हलाकान नज़र आ रहे थे क्योंकि डॉक्टरों ने उनसे बन्दोबस्त करने के लिए कहा था। वहीं बलिया जिले में कुल एक्टिव केस भी एकदम गलत आंकड़ो के साथ बताए जा रहे हैं। 23 अप्रैल को 3604 मरीज़ बताया गया और मात्र 5 ही डिस्चार्ज किये गए। मगर अगले दिन की कोरोना बुलेटिन में 3547 एक्टिव केस दर्ज थे। जबकि उस दिन यह भी बताया गया था कि आज 415 नए केस आये हैं। उस हिसाब से 4 हजार से ज्यादा होना चाहिए था।

24 अप्रैल को जारी बुलेटिन

बता दें कि बलिया जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आंकड़े जिला प्रशासन को भी दिया जाता है और जिले से यही रिपोर्ट प्रदेश भेजी जाएगी तो लाज़िम है कि इसकी जाँच पड़ताल हो क्योंकि स्वास्थ्य विभाग सटीक आंकड़े नहीं बता पा रहा है। प्रेस रिलीज़ में आंकड़े अलग हैं जबकि वास्तविकता में आकड़े दूसरे हैं। आखिर क्या मंशा है स्वास्थ्य विभाग की। किस तरह की गुणा गणित चल रही है जो खुद पर सवाल खड़े कर रही है।

बलिया ख़बर

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