बलिया। सपा-बसपा गठबंधन का ऐलान होते ही एक तरफ जहां प्रदेश ही नहीं देश में सियासी हलचलें तेज हो गई हैं। वहीं बलिया लोकसभा सीट पर सपा या बसपा में से किसके खाते में जाएगी। इस बात को लेकर सस्पेंस बरकरार है। यह सस्पेंस जहां विपक्षियों के लिए सवाल बना हुआ है वही सपा और बसपा के नेताओं के लिए कौतूहल का कारण बना हुआ है।
बलिया लोकसभा सीट यदि सपा के खाते में आती है तो समाजवादी पार्टी के लिए प्रत्याशी का चयन करना किसी मुसीबत से कम नहीं होगा। क्योंकि अब तक सपा से टिकट मांगने वालों की फेरिस्त लम्बी होती जायेगी। पार्टी के अंदर खाने से कई ऐसे दावेदार है जो टिकट की आस लगाये हुए है। सपा की टिकट की उम्मीद कई सरीखे नेता और दिग्गज शामिल है।
वही गठबंधन के बाद बीते लोकसभा चुनाव 2019 चुनाव से पहले टिकट को लेकर पार्टी के अंदरखाने भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। इन सभी बातों पर गौर किया जाए तो सपा बसपा का गठबंधन बलिया से सपा का टिकट मांगने वाले दिग्गजों के लिए धड़कन बढ़ाने वाला साबित हो रहा है।
बात अगर चुनाव की करें तो इससे पहले इन आवेदनकर्ताओं को दो-दो चक्रव्यूह से गुजरना पड़ेगा। पहला चक्रव्यूह तो यह है कि बलिया सीट सपा के खाते में आएगी या नहीं? यदि आ भी गई तो दूसरा सबसे बड़ा चक्रव्यूह साबित होगा आवेदनकर्ताओं को पार्टी में खुद को जीताउ व अव्वल साबित कर पाना।
वहीँ बलिया खबर के सूत्रों के मुताबिक इस सीट पर सपा के उमीदवार का लड़ना तय है । सूत्रों की माने तो सपा हाईकमान इन सभी बिंदुओं पर गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए निर्णय लेने वाली है, लेकिन कोई भी निर्णय आने तक साइकिल सवार दिग्गजों की धड़कन बढ़ी ही रहेगी।
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