बलिया डेस्क: लॉकडाउन के बीच, कालाबाजारी और जमाखोरी कहीं न हो, इसकी जांच करने के लिए प्रशासनिक और पुलिस विभाग के उच्चाधिकारी गुरुवार को आम आदमी बनकर सड़क पर निकले। सब्जी, फल की विक्री में ओवररेटिंग और हर दुकान पर रेट सूची लगी है या नहीं, इसकी जांच की गई।
जिलाधिकारी के निर्देश पर डिप्टी कलेक्टर सर्वेश कुमार यादव और सीओ सिटी अरुण कुमार सिंह एक आम आदमी की तरह बाइक से निकले। मंडी समिति व शहर की विभिन्न फल व सब्जी की दुकानों पर जाकर खरीद के लिए भाव पूछे। हालांकि करीब दो घंटे तक भ्रमण के दौरान ओवररेटिंग की शिकायत तो नहीं मिली, पर कई दुकानों पर रेट सूची नहीं मिलने पर तत्काल लगाने को कहा। कुछ दुकानों पर खड़े होकर सूची चस्पा भी करवाई।
दोनों अधिकारी सबसे पहले चित्तू पांडेय चौराहे के पास स्थित सब्जी मार्केट में पहुंचे। वहां उन्होंने कई दुकानदारों से सब्जी खरीदने के लिए भाव पूछे। फिर ओकडेनगंज व गुदरी बाजार में जाकर सब्जी की दुकानों पर नजर दौड़ाई और खरीद कर रहे लोगों से भी बातचीत की।
इस तरह करीब दो घंटे तक आम आदमी बनकर शहर में सब्जी, फल, किराना के विभिन्न दुकानों पर घूमते रहे। इसके बाद मंडी समिति गए और वहां देखा कि कोई व्यक्तिगत खरीद के लिए तो नहीं आया है। चेकिंग के दौरान चेहरे पर मास्क लगे होने की वजह से किसी को भनक तक नहीं लगी कि भाव पूछने वाला व्यक्ति कोई प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी भी हैं। यह कार्रवाई जिले के अन्य नगर क्षेत्र में भी की गई।
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