बलिया डेस्क. जिलापूर्ति विभाग की उदासीनता का आलम यह है कि विभाग की नाक तले कोटेदार और क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक की मिलीभगत से जो कार्डधारक एक साल या फिर छह महीने पहले गुजर चुके हैं, उनका भी राशन उठा लिया गया है या फिर उठाया जा रहा है. सदर तहसील क्षेत्र के नसीराबाद गांव से कुछ इस तरह का मामला प्रकाश में आया है, इस गांव में एक नहीं बल्कि तीन-तीन कार्डधारक अभी भी स्वर्ग से आकर राशन प्राप्त कर रहे हैं.
मामले में जिलापूर्ति अधिकारी से पूछे जाने पर बताया कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इस मामले में फिलहाल जिम्मेदार जांच कर कार्रवाई की बात कर रहे हैं, लेकिन अफसोस इस गांव में यह खेल बीते एक साल चला आ रहा है.
नसीराबाद गांव में राशन वितरण का आलम यह है कि अंत्योदय कार्ड धारक 219320322667 यूनिट एक है. कार्डधारक की मृत्यु छह महीने पहले नवंबर महीने में हो गया था, लेकिन कार्डधारक के नाम पर फरवरी व मार्च महीने का मैनुअल उठान करा लिया गया है.
इसी गांव के कार्डधारक 219320323252 की मौत हुए भी एक साल हो गया है, लेकिन बीते फरवरी महीने तक बायोमैट्रिक सिस्टम से उठान करा लिया गया है. इसी क्रम में कार्डधारक 219320139204 की मृत्यु भी छह महीने पहले हो चुकी है, लेकिन इतना भी बीते फरवरी तक बायोमैट्रिक तरीके से राशन का उठान करा लिया गया है.
मामले की शिकायत के बाद फिलहाल जिलापूर्ति अधिकारी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कर रहे हैं. लेकिन अफसोस यह खेल गांव में बीते एक साल से चला आ रहा है. शिकायतकर्ता नसीराबाद निवासी नवीन कुमार पांडेय ने बताया कि कोटेदार व क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक की मिलीभगत से बीते एक साल से खेल बदस्तूर जारी है. मेरे द्वारा जब समस्त कार्डधारकों का ब्योरा निकाला गया तो मैं स्थिति देख दंग रह गया हूं. मैं इसकी शिकायत मुख्यमंत्री के पोर्टल पर किया हूं, देखते ही कब तक कार्रवाई होती है.
क्लोन के जरिए चल रहा खेल
गौरतलब हो कि तीन तरीके से राशन का वितरण होता है, एक प्राक्सी, दूसरा मैनुअल व तीसरा बायोमैट्रिक. शिकायतकतर्पा नवीन कुमार पांडेय ने दावा किया कि उपरोक्त कार्डधारकों में 219320322667 मैनुअल उठान करा लिया गया है, जो कि नियम विरूद्ध है, जबकि बाकी दो का बायोमैट्रिक से उठान कराया गया है.
बताया कि उपरोक्त कार्डधारक जब जीवित थे, तभी कोटेदार द्वारा धोखे से दोनों का क्लोन तैयार कर लिया गया था, जिससे उन सबके मर जाने के बाद आज भी बायोमैट्रिक तरीके से कोटेदार राशन का उठान कर रहे हैं.
वहीं जिलापूर्ति अधिकारी कृष्णगोपाल ने कहा की मामला मेरे संज्ञान में पहले नहीं था, अब शिकायत मिली है. जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कोटेदार हो या फिर क्षेत्रीय निरीक्षक ही क्यों न हो.