सपा-सुभासपा का हुआ गठजोड़, क्या बलिया में आएगा नया सियासी मोड़?

बुधवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के बीच मुलाकात हुई। लखनऊ में दोनों नेताओं के बीच एक घंटे तक बातचीत हुई। अखिलेश यादव और ओमप्रकाश राजभर ने इस मुलाकात की तस्वीरें ट्वीटर पर शेयर भी की।

अखिलेश यादव और ओमप्रकाश राजभर की मुलाकात ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में थोड़ी हलचल बढ़ा दी है। ओमप्रकाश राजभर ने बयान दिया है कि अखिलेश यादव अगर उत्तर प्रदेश चुनाव में सुभासपा को एक भी सीट नहीं देंगे फिर भी हम उनके साथ ही रहेंगे। दोनों पार्टियों के गठजोड़ से अब नए समीकरण बनने लगे हैं।

सपा और सुभासपा का गठजोड़ बलिया के सियासी समीकरण को कितना प्रभावित करेगा ये जानने के लिए हमने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के वरिष्ठ पत्रकार अनूप हेमकर से बातचीत की। अनूप हेमकर ने बताया कि “बलिया में तीन विधानसभा सीटें ऐसी हैं जहां राजभर जाति के लोगों की तादाद बड़ी है। राजभर मतदाता इन सीटों पर इस संख्या में हैं जो चुनाव के नतीजों को प्रभावित करते हैं। ये सीटें हैं रसड़ा, बांसडीह और सिकंदरपुर।”

पत्रकार अनूप हेमकर ने कहा कि “सपा ने ओमप्रकाश राजभर को अपने खेमे में लाकर भाजपा को बड़ा झटका दिया है। सपा ने एक सोशल समीकरण को पूरी तरह साध लिया है। लेकिन अब देखने वाली बात ये होगी कि क्या ओमप्रकाश राजभर चुनाव में अपनी जाति के लोगों को अपने साथ लामबंद कर पाते हैं या नहीं?”

सपा और सुभासपा के साथ आने पर बलिया के छात्र नेता अतुल पांडेय कहते हैं कि “ओमप्रकाश राजभर पूरे पूर्वांचल में एक बड़े नेता हैं। बलिया में भी उनका प्रभाव काफी है। रसड़ा और बांसडीह दो ऐसी विधानसभा सीटें हैं जहां राजभर जाति के लोगों की संख्या अच्छी-खासी है। इस लिहाज से बलिया में सपा को सबसे ज्यादा फायदा ओमप्रकाश राजभर की वजह से इन्हीं सीटों पर होगा।”

अतुल पांडेय कहते हैं कि “बलिया के सातों विधानसभा सीटों पर पांच से दस हजार मतों का फर्क ओमप्रकाश राजभर पैदा कर देंगे। जिन सीटों पर सपा पांच-दस हजार वोटों से पिछड़ जाती है वहां सपा को फायदा मिल सकता है।”

देखना दिलचस्प होगा कि सपा और सुभासपा का एक मंच पर आना चुनाव में क्या रंग दिखाता है? हालांकि ओमप्रकाश राजभर के इस कदम ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा है भागीदारी संकल्प मोर्चा सपा के साथ रहेगी। लेकिन अब सवाल है कि ओमप्रकाश राजभर के भागीदारी संकल्प मोर्चा में शामिल असद्दूदीन ओवैसी भी सपा का साथ देंगे? सपा और सुभासपा ने मिलकर नया समीकरण तैयार किया है। साथ ही कई नए सवाल भी पैदा किए हैं। जिनके जवाब भविष्य में छिपे हुए हैं।

Akash Kumar

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