भारत को एक धार्मिक देश कहा जाता है. दुनिया भर में भारत को एक ऐसे देश के तौर पर देखा जाता है जोकि यूँ तो खुद धर्म निरपक्ष है लेकिन यहाँ पर अलग अलग धर्म को मानने वाले लोग मौजूद हैं और सभी को अपने धर्मं के हिसाब से इसका पालन करने की छूट दी गई है. दरअसल यही वजह है कि हमारी गंगा जामुनी तहजीब की मिसाल दुनिया भर में दी जाती है.
हालाँकि यह बात और है कि फिलहाल आज कल देश का मिजाज़ थोड़ा बदल सा गया है लेकिन देश का मूल तो वही है. बहराल, भारत में यूँ तो तमाम मज़हब को मानने वाले लोग रहते है. लेकिन यहाँ पर मूल रूप से दो धर्म को मानने वाले लोग सबसे ज्यादा हैं. पहला तो है हिन्दू धर्म और दूसरा है इस्लाम. इन दोनों धर्म के मानने वालों को अपना अपना रीती रिवाज है और अलग अलग परंपरा है. हालाँकि यूँ तो हिन्दू मुस्लिम हमेशा से साथ साथ भाईचारे के साथ रहते हुए आये हैं लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है.
कि दोनों मज़हब के लोग एक दुसरे के मज़हब के बारे में बहुत कम जानते हैं. खासतौर पर अगर बात करें इस्लाम की तो इसके बारे में बहुत कम पता है लोगों को. दरअसल भारत के हिन्दुओं को इस्लाम को लेकर बुनियादी जानकारी के अलावा बहुत कुछ नहीं पता है. हालाँकि उन्हें हज रोज़े और नमाज़ की तो जानकारी है लेकिन बाकी चीज़ों के बारे में उन्हें बिलकुल भी नहीं पता है. हालाँकि इनका औचित्य भी उन्हें शायद ही पता होगा. ऐसे में आज कल हर तरफ इज्तिमे की बात हो रही है. तो क्या आपको पता है कि आखिर यह क्या. अगर नहीं पता तो कोई बात नहीं, आज हम आपको इसके बारे में तफसील से बताने जा रहे हैं.
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