बलिया। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरु होगी। इसके लिए किसानों से बातचीत के बाद उनसे भूमि खरीदी जाएगी, इसके बदले में किसानों को मुआवजा राशि दी जाएगी। यूपीडा करीब 1630 करोड़ की राशि खर्च कर जमीन अधिग्रहण करेगी।
बता दें कि जिले में कुल 65 किमी की लंबाई में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे बनेगा। इस एक्सप्रेस वे के जरिए ही बलिया को लखनऊ और दिल्ली तक फोरलेन से जोड़ा जा सकेगा। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे का निर्माण एनएच-29 के गोरखपुर-वाराणसी हाईवे पर गाजीपुर बाईपास के पास जंगीपुर से शुरू होगा, जो बिहार के छपरा तक बनेगा। एक्सप्रेस वे चितबड़ागांव से फेफना, माल्देपुर, हल्दी, बैरिया, चांददियर होते हुए मांझी घाट के बाद बिहार में प्रवेश कर जाएगा। इसके निर्माण की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को दी गई है।
बता दें कि एक्सप्रेस वे जनपद में तहसील सदर के 72 और बैरिया के 16 गांवों से होकर गुजरेगा और मांझी घाट पुल से जुड़ेगा। इसके निर्माण में 765 हेक्टेयर भूमि किसानों से खरीदी जानी है। सदर और बैरिया तहसील के गांवों की जमीन एक्सप्रेस वे के निर्माण में इस्तेमाल की जाएगी।
जमीन अधिग्रहण के लिए यूपीड़ा के अधिकारी किसानों के साथ बैठक कर जमीनों का मूल्यांकन करेंगे और किसानों की सहमति के बाद उन्हें मुआवजा दिया जाएघा। इसके बाद एनएचएआई की ओर से ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे को धरातल पर उतारने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
आजमगढ़ एनएचएआई परियोजना निदेशक एसके पाठक ने बताया कि ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के निर्माण को लेकर प्रक्रिया जारी है। जमीन खरीदने की जिम्मेदारी यूपीडा को दी गई है। जमीन मिलने के बाद निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी। जल्द ही जमीन खरीद की भी प्रक्रिया शुरू होने वाली है।
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