बलियाः बारिश से जनपद का हाल बेहाल है तो वहीं घाघरा नदी का बढ़ता जलस्तर लोगों को डरा रहा है। एल्गम ब्रिज के अपस्ट्रीम में बाराबंकी से लगभग सात लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर लाल निशान पार कर लगभग 54 सेमी के ऊपर पहुंच चुका है। इससे तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
बिल्थरारोड हिसं के अनुसार केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शनिवार की शाम चार बजे तुर्तिपार गेज पर नदी का जलस्तर 64.550 मीटर दर्ज किया गया, जो लाल निशान 64.010 से करीब 54 सेंटीमीटर अधिक है। चिंता की बात यह है कि अगले 24 घंटे में आधा सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से जलस्तर में वृद्धि का अनुमान जताया गया है।
उफनती नदी के बहाव से कई जगह पर कटान तेज हो चुकी हैं। नदी के पानी में बढ़ोत्तरी होने से अरहर, मुंगफली, गन्ना व साग-सब्जी की सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो चुकी है। नदी का पानी टीएस बंधा के साथ ही हाहानाला, तुर्तीपार, हल्दीरामपुर रेगुलेटरों तक पहुंच जाने से दबाव बढ़ गया है। और गांवों में नदी का पानी घुस रहा है। तुर्तीपार गांव के निकट पानी पहुंच चुका है।
शनिवार को चांदपुर गेज पर शनिवार को नदी का जलस्तर 57.16 मीटर दर्ज किया गया। यहां पर खतरा बिंदू 58.00 मीटर है। ऐसे में नदी का पानी लाल निशान से महज कुछ कदम दूर है। बाढ़ विभाग के अधिकारियों का कहना है कि चौबिस घंटे में नदी का पानी करीब 32 सेमी बढ़ चुका है। मुश्किल हालातों से निपटने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारी व कर्मचारी डटे हुए हैं। बाढ़ विभाग के जेई रंजनीकांत राय ने बताया कि नदी के हालात की हर पल निगरानी की जा रही है तथा आपात स्थिति से निपटने के भी इंतजाम किये गये हैं।
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