Categories: Uncategorized

गठबंधन के दो दिन बाद ही इस पार्टी के बदले तेवर, कहा – अगर ढाई साल के …

शिवसेना और भाजपा के बीच कभी नाराज़गी तो कभी मनाने की कोशिश थमने का नाम नहीं ले रही है. दरअसल लोकसभा चुनाव में दोनों पार्टियों ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। लेकिन इसके बाद शिवसेना और भाजपा के रिश्ते में कड़वाहट आने लगी और बड़ी बात यह रही कि मोदी सरकार पर शिवसेना लगातार निशाना साध रही है। नोटबंदी से लेकर भाजपा की कई नीतियों और फैसलों को लेकर शिवसेना मोर्चा खोल चुकी है।

हालाँकि शुरुआत में कहा जा रहा था कि शिवसेना और भाजपा के रिश्ता अब टूटने के कगार पर पहुँच गए हैं और अगला लोकसभा चुनाव दोनों पार्टियाँ अलग अलग लड़ेंगी। लेकिन चुनाव नज़दीक आने के साथ अभी हाल ही में दोनों पार्टियों ने अपने सारे गिले शिकवे भुलाकर आपस के गठबंधन किया। लेकिन अब एक बार फिर से शिवसेना का रुख बदला बदला सा नज़र आ रहा है और शिवसेना ने एक बार फिर से भाजपा को धमकी है।

शिवसेना कोटे से मंत्री ने कहा है कि शिवसेना और भाजपा के बीच लोकसभा और विधानसभा दोनों चुनाव को लेकर गठबंधन हुआ है। इसलिए सरकार बनने के बाद ढाई साल भाजपा का सीएम रहेगा और ढाई साल शिवसेना का क्योंकि यह गठबंधन 50:50 फार्मूले पर हुआ है। शिवसेना ने आगे धमकाते हुए कहा है कि अगर भाजपा ऐसा नहीं करती है तो शिवसेना उसके साथ गठबंधन तोड़ देगी। शिवसेना के इस बयान के बाद एक बार फिर से कन्फ्यूजन शुरू हो गया है।

शिवसेना के इस बयान के बाद भाजपा इस पर अभी प्रतिकिया देने से बच रही है। बीजेपी कोटे से मंत्री गिरीश बापट का कहना है कि दोनों पार्टियों के बीच सब कुछ समान है और शिवसेना सरकार के साथ खड़ी है। लेकिन शिवसेना और भाजपा की तरफ आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिल रहा है। ऐसे में अब महाराष्ट्र की राजनीति नई करवट ले सकती है क्योंकि अगर भाजपा और शिवसेना का गठबंधन टूट जाता है तो इसका फायदा सीधे तौर पर कांग्रेस को होने वाला है और एक बार फिर से कांग्रेस के हाथ में सत्ता जा सकती है।

बलिया ख़बर

Recent Posts

2027 में रसड़ा की सियासत कैसी होगी? सर्वे में सामने आए आंकड़े

बलिया: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बलिया ख़बर की ओर से कराए गए…

2 weeks ago

राम गोविंद चौधरी की विरासत संभालने को तैयार रंजीत चौधरी, फिर उन्हें कमतर दिखाने की कोशिश क्यों?

बलिया। समाजवादी राजनीति में राम गोविंद चौधरी की पहचान और उनके लंबे राजनीतिक अनुभव की…

2 weeks ago

रसड़ा विधानसभा सर्वे 2027

तीन बार के विधायक उमाशंकर सिंह के निधन के बाद रसड़ा की राजनीतिक तस्वीर बदल…

4 weeks ago

फेफना विधानसभा सर्वे 2027

फेफना विधानसभा सीट पर 2027 को लेकर जनता का मूड क्या है? विधायक संग्राम सिंह…

4 weeks ago

सिकंदरपुर विधानसभा सर्वे 2027

सिकंदरपुर विधानसभा में 2027 की तैयारी शुरू हो चुकी है। विधायक जियाउद्दीन रिजवी के कार्यकाल…

4 weeks ago