आज संयुक्त किसान मोर्चा के आव्हान पर किसान आंदोलन के समर्थन में भारत बंद का ऐलान किया गया है। इसको लेकर बलिया पुलिस अलर्ट पर है। हालांकि जिले में आंदोलन का खास असर नहीं दिख रहा है। लेकिन प्रशासन पूरी तरफ सतर्क है। रविवार को पुलिस ने कुछ इलाकों में फ्लैग मार्च भी निकाला और लोगों से शांति की अपील की।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार पूंजीपतियों के साथ खड़ी है। दवा प्रतिनिधियों पर भी आघात करते हुए 44 श्रम कानूनों को चार श्रम संहिता में बदल चुकी है। रविवार को किसान मजदूर शोषित असहाय गरीब संघ की बैठक रखी गई। जिसमें 27 सितंबर को भारत बंद सफल बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक में विजय ओझा, देवानन्द सिंह, सुदामा प्रसाद, विजय शंकर, लल्लन राम, काशीनाथ प्रजापति, शिवनाथ शर्मा, तेज नारायण, शिव बहादुर यादव आदि रहे। अध्यक्षता पारसनाथ सिंह व संचालन रामप्रसाद ने किया।
भारत बंद के समर्थन में रविवार की शाम को संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा निकाले जा रहे कैंडल मार्च को पुलिस ने रोक दिया। मोर्चा के कार्यकर्ता कैंडल मार्च के लिए स्टेशन पर जमा हुए। यहां से वे कैंडल मार्च निकाल रहे थे।तभी पुलिस ने जिले में धारा 144 लगे होने का हवाला देकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान हल्की झड़प भी हुई थी।बहलहाल बंद को लेकर अभी बलिया में माहौल शांत हैं लेकिन स्थिति को संभालने पुलिस पूरी तरह तैनात है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार नजर बनाए हुए हैं। चौक-चौराहों पर पुलिस सतर्कता बरत रही है।
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