बलिया। पूर्व मंत्री एवं बसपा के वरिष्ठ नेता अंबिका चौधरी ने कहा कि दुर्जनपुर की घटना संपूर्ण प्रदेश के कानून व्यवस्था के संदर्भ में सरकार की विफलता की एक कड़ी है। इन घटनाओं की बाढ़ इसलिए आयी है कि प्रशासन और पुलिस का मनोबल पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है।
मंत्रियों, विधायकों एवं भाजपा के छुटभैये नेताओं द्वारा आये दिन पुलिस व प्रशासन से दुर्व्यवहार कर भय का माहौल बनाया गया है। इसलिए ये न्यायसंगत विधिक कार्यवाही कर पाने में अक्षम हुए है। चौधरी ने कहा कि उप्र और खासकर बलिया जनपद में पिछले तीन वर्षों में प्रशासनिक एवं अन्य कर्मचारियों के साथ दुखद घटनाएं हुई है।
दुर्जनपुर की घटना के पूर्व भी मुख्य अपराधी द्वारा जिस प्रकार पुलिस अधिकारियों एवं अन्य कर्मचारियों को गाली तथा धमकी दी गई थी, लेकिन उसका कुछ नहीं हुआ था। इसी का परिणाम है कि गरीब पिछड़े परिवार के जयप्रकाश पाल उर्फ गामा को अपनी जान गंवानी पड़ी।
जातीय उन्माद पैदा करने की हो रही घृणित राजनीति- पूर्व मंत्री अम्बिका ने कहा कि जिस बेशर्मी से सत्ता पक्ष द्वारा अपराधियों को संरक्षण देकर जातीय उन्माद पैदा करने की घृणित राजनीति हो रही है, यह निन्दनीय है। कहा कि बागी बलिया की माटी में इस तरह के भेदभाव का कोई स्थान नही है।
बसपा पूरी तरह से पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और इस अन्याय के विरूद्ध लड़ाई में शामिल है। श्री चौधरी ने सरकार से मांग किया कि घटना में प्रत्यक्ष व परोछ रूप से जिम्मेदार सभी दोषियों के खिलाफ गंभीर कार्यवाही किया जाय। वही, पीड़ित परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी तथा परिवार के भरण पोषण के लिए समुचित व्यवस्था किया जाय।
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