यह परीक्षण सामरिक बल कमांड द्वारा किया गया है। स्वदेश में विकसित मिसाइल ‘पृथ्वी’ का जलीय रूप धनुष 500 किलोग्राम तक विस्फोटक ले जाने में सक्षम है। धनुष सतही और समुद्री, दोनों लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है। रक्षा बलों के सामरिक बल कमान (एसएफसी) ने इसके परीक्षण को अंजाम दिया है।
पूर्ण सफल रहा परीक्षण
एक अधिकारी ने बताया कि भारतीय नौसेना की एसएफसी की ओर से प्रशिक्षण अभ्यास के तहत मिसाइल प्रक्षेपण किया गया। मिसाइल परीक्षण को पूरी तरह सफल करार देते हुए अधिकारियों ने कहा कि परीक्षण के दौरान मिशन के सभी उद्देश्य पूरे हुए। उन्होंने कहा कि मिसाइल परीक्षण एवं इसकी उड़ान के प्रदर्शन की निगरानी ओड़िशा तट में रडार सुविधाओं और डीआरडीओ की टेलीमेट्री (दूरमापी) से की गई।
रक्षा सेवाओं में पहले से है शामिल
एक चरण वाला और द्रव्य से प्रणोदित धनुष को रक्षा सेवाओं में पहले ही शामिल किया जा चुका है। यह एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (आईजीएमडीपी) के तहत रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की ओर से विकसित पांच मिसाइलों में से एक है। इसका पिछला सफल परीक्षण नौ अप्रैल 2015 को हुआ था। जानकारी हो कि बुधवार 21 फरवरी को देश में निर्मित एवं परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम तथा 350 किलोमीटर की दूरी तक मार करने वाली पृथ्वी-2 मिसाइल का ओडिशा के एक परीक्षण केंद्र से सफल रात्रि परीक्षण किया था।
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