बलिया में में दवा खरीद के नाम पर लाखों का घोटाला सामने आया है । हालंकि करवाई अभी तक लटकी हुई है । जांच के लिए शासन के निर्देश पर तत्कालीन जिलाधिकारी के निर्देश पर कमेटी का गठन किया गया था।
लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। मामले में परोक्ष रूप से एक फार्मासिस्ट की भूमिका संलिप्त पाई गई, जिसमें बिना दर अनुबंध के औषधि क्रय में अनियमितता व सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि हुई। इतना ही नहीं, उक्त फार्मासिस्ट के करीबी को औषधि खरीद की अनुमति भी मिल गई। मामला वर्ष 2003 से 2006 तक और 2013-14 का है। एक ही व्यक्ति के अलग-अलग तीन फर्मो से करोड़ों की दवा खरीदी जाती रही।
इसके बाद जून 2017 में तत्कालीन जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया। जिसमें ज्वाइंट मजिस्ट्रेट उपजिलाधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य कोषाधिकारी शामिल रहे।
बलिया- अपनी राजनीतिक चेतना और संघर्षों के लिए पहचान रखने वाले बलिया की राजनीति में…
जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में सफलता…
बलिया।जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं के छात्र-छात्राओं के लिए भव्य विदाई समारोह का…
फेफना (बलिया)। क्षेत्रीय संघर्ष समिति फेफना के नेतृत्व में शुक्रवार को क्षेत्रवासियों ने रेलवे बोर्ड…
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह…