बलिया में लाखों रुपये के दवा घोटाले के मामले में चीफ फार्मासिस्ट अरुण कुमार सिंह को मंगलवार को सस्पेंड कर दिया गया । इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कम्प मचा हुआ है। निलम्बित कर्मचारी को सीएमओ कार्यालय आजमगढ़ से सम्बद्ध किया गया है।
महानिदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) पद्माकर सिंह ने अपने आदेश में लिखा है कि अरुण कुमार सिंह पर साल 2009-10 व 2010-11 में राज्य सरकार द्वारा आवंटित 78 लाख छह हजार रुपये की धनराशि के गबन में मुख्य भूमिका थी। चीफ फार्मासिस्ट ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बेरुआरबारी, रसड़ा, चिलकहर आदि अस्पतालों पर फर्जी वितरण दिखाते हुए सरकारी औषधियों का दुरुपयोग करते हुए अनाधिकृत रुप से धनउगाही की थी।
महानिदेशक ने कहा है कि अपर निदेशक (चिकित्सा एवं परिवार कल्याण आजमगढ़) की ओर से जा रही जांच में भी वह सहयोग प्रदान नहीं कर रहे थे। आला अधिकारी ने यह कार्रवाई करते हुए एडी आजमगढ़ व सीएमओ को अवगत करा दिया है। ‘हिन्दुस्तान’ से बातचीत में अपर निदेशक एनएल यादव ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि निलम्बन की कार्रवाई महानिदेशक की ओर से की गयी है।
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