बलिया डेस्क : एसपी देवेंद्र नाथ का तबादला और नए एसपी के रूप में विपिन टाडा का आना बलियावासियों के लिए फिलहाल एक कौतूहल का विषय बना हुआ है। हर किसी की जेहन में बस यही सवाल कौंध रहा है कि एसपी विपिन टाडा कैसे होंगे, सख्त मिजाज के, क्वीक एक्शन लेने वाले या फिर देवेंद्र नाथ सरीखे, जिनके पास न्याय खुद गिड़गिड़ाता था।
खैर कुछ भी हो इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि नए एसपी विपिन टाडा के सामने चुनौतियां अनेक हैं। गो-तस्करी से लेकर शराब तस्करी के मामले में जिले की बदनाम तस्वीर को ठीक करना जहां मुख्य चुनौतियां होंगी। वहीं अवैध खनन रोकना, देह व्यावार का धंधा रोकना तथा जाम की समस्या से निजात दिलाना भी चुनौतियों में शामिल है।
देह व्यापार पर लगाम लगाना बेहद जरूरी – देह व्यापार का धंधा इन दिनों बलिया में तेजी से फल-फूल रहा है। शहर के नामी गिरामी होटल तक इसमें शामिल है। खासकर ओक्डेनगंज चौकी से महज १०० मीटर की दूरी पर कुछ होटल ऐसे हैं जो लोकल पुलिस यानी ओक्डेनगंज को साठ-गांठ में लेकर बेखौफ धंधा चला रहा है। जिससे जहां सभ्य समाज दूषित हो रहा है। वहीं संभ्रांत लोगों का यहां रहना दुश्वार हो गया है। उपरोक्त जगह तो बस एक बानगी भर है पूरे शहर में ऐसे तमाम जगह जहां देह व्यापार का धंधा बेरोकटोक चल रहा है।
हर हाल में रोकना होगा गो तस्करी- नए एसपी विपिन टाडा के सामने गो-तस्करी को रोकना एक बहुत बड़ी चुनौती होंगी। अभी हाल ही के घटना पर गौर करें तो गो-तस्करी के ही एक मामले में उंभाव थाने के छह सिपाहियों को लाइन हाजिर किया गया था। इसके अलावा गो-तस्करी कराने के मामले में नरहीं थाना सबसे बदनाम है, इसके अलावा बैरिया, दोकटी तथा दुबहर थाना भी गो-तस्करी के मामले में बदनाम है।
शराब तस्करी में जिला पहले से ही बदनाम – जब से बिहार में शराब बंद हुई है तब से बलिया खासकर द्वाबा इलाका तस्करी का हब बन गया है। बेशक समय-समय पर संबंधित कार्रवाई करता है, लेकिन दस को छोड़कर एक पर कार्रवाई करके थाने की पुलिस खुदकी पीठ खुद ही ठपठपाती है।
शराब तस्करी के मामले में भी जहां नरहीं थाना बदनाम है, वहीं मनियर से लेकर रेवती, दोकटी, बैरिया, दुबहर, हल्दी सब बदनाम है। क्योंकि इन थानों के पास ही द्वाबा इलाका है और इसी रास्ते से बिहार शराब पहुंचाई जाती है।
जाम की समस्या नासूर- जनपद बलिया खासकर शहर में जाम की समस्या नासूर बन गई है। कारण कि यहां एक तो सड़कें जहां अतिक्रमण का शिकार है। वहीं जहां-तहां बाजार लग जाने के कारण ये समस्या दिन-ब-दिन विकराल बनती जा रही है। हालांकि तत्कालीन एसपी प्रभाकर चौधरी के समय जाम की समस्या से एकदम से निजात मिल गई थी, क्योंकि एसपी प्रभाकर चौधरी ने एक तरफ जहां स्टेशन से चौक तक ठेले-खोमचे वालों को हटा दिए थे,
वहीं अतिक्रमण हटाकर सड़कें चौड़ी कर दिए थे, लेकिन उनके जाने के बाद जाम की समस्या एक बार फिर जस का तस हो गई और तभी से एक के बाद एसपी आए, लेकिन किसी ने भी जाम की समस्या से निजात नहीं दिला पाए। ऐसे में एसपी विपिन टाडा के सामने यह भी एक चुनौती होंगी।
अवैध खनन पर नकेल कसना जरूरी –लगभग हर साल बाढ़ की विभीषिका झेलने के बावजूद बलिया में अवैध मिट्टी खनन का कार्य रूकने का नाम नहीं ले रहा है। लोकल पुलिस की मिलीभगत से खनन माफिया बेरोकटोक खनन के कार्य को अंजाम देते हैं।
बलिया। जमुना राम मेमोरियल स्कूल, मानपुर चितबड़ागांव में 15 अगस्त को 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास,…
सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल प्रतियोगिता 2026-27 में बलिया की जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव की…
बलिया के नरही थाना गोलीकांड के शहीद विनोद राय की दसवीं पुण्यतिथि पर बुधवार को नरही…
मिर्जापुर। सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क, मिर्जापुर में आयोजित सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल प्रतियोगिता 2026-27 में…
बलिया। रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार विधायक रहे और बहुजन समाज पार्टी (बसपा)…
गोरखपुर स्थित बी.एन. पब्लिक स्कूल में 31 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक आयोजित सीबीएसई…