बलिया डेस्क; बलिया में ज़मीनों को लेकर हुए बड़े घोटाले के सामने आने के बाद इस मामले में रजिस्ट्री कार्यालय के प्रभारी उपनिबंधक समेत 13 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है. आपको बता दें कि ज़मीन के मालिकों की शिकायत के बाद जब इसकी जांच की गयी इस पूरे हेरफेर के बारे में पता चला. डीएम के आदेश पर 1981 से लेकर अब तक की सभी रजिस्ट्री की जांच की गयी.
इस मामले में उपनिबंधक के साथ साथ कार्यालय के एक कर्मचारी और 11 पूर्व उपनिबंधकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. ज़मीन के मालिकों का कहना है कि बिना उन्हें बताये उनकी ज़मीनों को बेच दिया गया. कुछ महीने पहले ही सदर तहसील कार्यालय में 1981 के कई दस्तावेजों नामांतरण हुआ था. आपको बता दें कि इस मामले की जांच में संयुक्त मजिस्ट्रेट और एसडीएम के टीम बनाकर करवाई गयी थी.
जिसमे 1981 से लेकर अब तक सभी रजिस्ट्री के दस्तावेज़ को खंगाला गया जिसमे एक चौकाने वाली बात सामने आई. दरअसल जांच में पाया गया कि दस्तावेजों के पेज तो पुराने थे लेकिन उस पर जो लिखावट थी वह नई थी और इंक भी नई थी. इसके अलावा लिखावट भी काफी अलग थी. जांच में दस्तावेज़ पर फर्जी हस्ताक्षर भी पाए गुए और यह भी साफ़ हो गया कि इस पर पुराने नाम को बड़े ही सफाई के साथ मिटा दिया गया था और उस पर नया नाम लिख दिया गया था.
इसके बाद इस पूरे खेल को अंजाम दिया गया.इस बाद जांच टीम को यह जानने में ज़रा भी देरी नहीं लगी कि इस मामले में कार्यालय के ही अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं जिनकी मिली भगत से यह किया गया है. इसके बाद जांच टीम ने इन अधिकारीयों और कर्मचारियों के खिलाफ फर्जी दस्तावेज बनाने के साथ साथ उसमे छेड़छाड़ करने का मामला दर्ज करने की सिफारिश की गयी थी.
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