चुनावी साल में सरकार ने बजट में हर वर्ग के लिए राहत की घोषणा की है. वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को मोदी सरकार का अंतरिम बजट पेश किया. सरकार ने इतिहास रचते हुए आयकर छूट सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दी है. वहीं किसानों के खाते में 6000 रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे. जानते हैं वित्त मंत्री के अंतरिम बजट की 5 बड़ी बातें.
किसानों के खाते में आएंगे 6000 रुपए
सरकार ने छोटे एवं सीमान्त किसानों को राहत देने के लिए उन्हें 6,000 सालाना की न्यूनतम वार्षिक आय देने की योजना पेश की है. वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को 2019-20 का बजट पेश करते हुए ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ (प्रधानमंत्री किसान योजना) की घोषणा की. इस योजना का लाभ दो हेक्टेयर से कम जोत वाले किसानों को मिलेगा. योजना से 12 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा. इसके तहत किसानों को हर साल 6,000 रुपये की सहायता प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिये उनके बैंक खाते में प्रदान की जाएगी. यह राशि उन्हें 2,000-2,000 रुपये की तीन किस्तों में दी जाएगी. पहली किस्त अगले महीने की 31 तारीख तक किसानों के खातों में डाल दी जाएगी.
किसानों के लिए 2 प्रतिशत ब्याज सहायता
कृषि क्षेत्र में संकट से निपटने के लिए वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए दो प्रतिशत की ब्याज सहायता की घोषणा की, जबकि समय पर ऋण भुगतान के लिए उन्हें तीन प्रतिशत अधिक सहायता की पेशकश की गई है. उन्होंने पशुपालन और मत्स्य पालन में लगे किसानों के लिए भी दो प्रतिशत की ब्याज सहायता की घोषणा की. प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहे किसानों को दो प्रतिशत ब्याज सहायता और समय पर कर्ज पुनर्भुगतान करने वाले किसानों को तीन प्रतिशत की अधिक सहायता मिलेगी.
श्रमिकों को हर महीने 3000 रुपए पेंशन
केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को ‘प्रधानमंत्री योगदान श्रम योगी मानधन’ योजना की घोषणा की, जिसके तहत असंगठिक क्षेत्र के मजदूरों को 3,000 रुपये प्रतिमाह की निश्चित पेंशन दी जाएगी. लोकसभा में साल 2019-20 का अंतरिम बजट पेश करते समय गोयल ने कहा कि इस योजना से 10 करोड़ कामगारों को लाभ होगा और यह अगले पांच सालों में असंगठित क्षेत्र के लिए विश्व की सबसे बड़ी पेंशन योजना बन सकती है. इस योजना के तहत, श्रमिकों को 60 वर्ष की आयु के बाद 3,000 रुपये की मासिक पेंशन मिलेगी. श्रमिकों को योजना के लिए प्रति माह 100 रुपये का योगदान देना होगा.
इनकम टैक्स छूट सीमा हुई दो गुनी
मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को आयकर छूट की सीमा को दोगुना कर पांच लाख रुपये करने का प्रस्ताव किया है. इसके अलावा मानक कटौती की सीमा को भी 40,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 करने का प्रस्ताव किया गया है. गोयल ने लोकसभा में 2019-20 का बजट पेश करते हुए कहा कि इस प्रस्तवा से मध्यम वर्ग के तीन करोड़ करदाताओं को लाभ होगा. आयकर छूट की सीमा को दोगुना करने से सरकारी खजाने पर 18,500 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा.
इस मद से 40 हजार की आमदनी पर नहीं लगेगा टैक्स
वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को ब्याज से होने वाली आय पर स्रोत पर कर की कटौती (टीडीएस) की सीमा सालाना 10 हजार रुपये बढ़ाकर 40 हजार रुपये तक करने का प्रस्ताव दिया. उन्होंने 2019-20 का बजट लोकसभा में पेश करते हुए कहा कि इससे उन वरिष्ठ लोगों तथा छोटे जमाकर्ताओं को फायदा होगा जो बैंकों एवं डाकघरों की जमाराशि के ब्याज पर निर्भर करते हैं.अभी तक ये जमाकर्ता 10 हजार रुपये प्रति वर्ष तक की ब्याज आय पर कटे कर का रिफंड मांग सकते थे.
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