दोस्तों आप सभी जानते है की इस्लाम एक अमन और शांति वाला धर्म है इस्लाम में हमेशा प्यार और मोहब्बत सिखाई जाती है इस्लाम में हमेशा लोगो से हमदर्दी और इखलाक का मामला करने का हुक्म है जो लोग यह समझते है की इस्लाम कटरपन्ति वाला मजहब है वह सारा सर गलत समझते है इस्लाम में बड़े से लेकर भूढो और बच्चो सभी से मोहब्बत करना बताया जाता है यहां तक इस्लाम में कहा गया है कि अगर पडोसी भूखा है तो आप अपना पेट भरने से पहले उसको खिलाए, अगर वह भूखा सो गया और आप पेट भर खाना खा के सो गए तो इसका सवाल जवाब अल्लाह के यहां हर हाल में होगा .
जो लोग हमारे नबी नबी हज़रत मोहम्मद मुस्तफा सल्ला० पर जुल्म करते थे उन पर कूड़ा फेकते थे हमारे नबी उनकी भी हाल चाल पूछते थे और उनका ख़याल रखते थे, आज कल लोग इस्लाम का नाम लेकर जो गलत काम करते है वह सिर्फ और सिर्फ इस्लाम को बदनाम करने के लिए करते है इस्लाम में किसी को अपनी जबान से भी तकलीफ देने या दिल दुखाने का हुक्म नहीं है सख्त माना किया गया है कि किसी का दिल दुखाने से और गलत बर्ताव करने से .
हमारे नबी हज़रत मोहम्मद मुस्तफा सल्ला० फरमाते है कि वह लोग हम्मे से नहीं है जो लोग बदसगुनि पर अमल करे, जो बदसगुनि को कबूल करे अच्छा सगुन न ले वह हम्मे से नहीं है बदसगुनि का मतलब यह है कि जो लोग कहते है कि बिल्ली रास्ता काट दे तो उनका काम नहीं होता है कुछ मुसीबत आने वाली है आदि बातो पर विशवास रखता हो. यह तोहमात परस्ती है जिसको इस्लाम में बिलकुल माना किया गया .
इस बात पर यकीन रखना चाहिए कि अल्लाह ने पैदा किया है अल्लाह ने अगर आप कि किस्मत में दुख लिखा है तो उससे कोई रोक नहीं सकता है अगर अल्लाह ने ख़ुशी लिखा है तो उससे भी कोई रोक नहीं सकता है. बदसगुनि को नबी ने … आगे देखिये वीडियो
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