बलिया को देवरिया , गोरखपुर और नेपाल तक को जोड़ने के लिए घाघरा नदी पर बने भागलपुर पुल का को कर चमका कर नजारा बदला जा रहा है।
पुल की दरारों को भरने के साथ ही पुल की रेलीग की भी पेटीग तेजी से की जा रही है, हालाँकि हकीकत में यह पुल काफी हद तक अंदर से डैमेज हो चुका है।
इस पुल पर दो माह पूर्व तक 26 दरारें हो गई थीं। कई स्थानों पर तो पुल पर छह से आठ इंच तक गहरा गड्ढा हो गया था। पुल पर बनी सड़क की हर ज्वाइंट भी पूरी तरह से मानो दम तोड़ चुकी है।
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बावजूद इसे किसी तरह रिपेयर कर कार्य में लिया जा रहा है। ओवरलोड आवागमन पर रोक के बावजूद पुल पर इनका परिचालन धड़ल्ले से जारी है। लगभग 2819.44 लाख की लागत से करीब 1185 मीटर लंबा यह पुल करीब 13 वर्ष में बनकर तैयार हुआ था।
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इसका उद्घाटन 26 दिसंबर 2001 को बतौर तत्कालीन सीएम राजनाथ सिंह ने किया था। जो विभागीय उदासीनता के कारण रखरखाव के अभाव में अब पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होता जा रहा है। इस पुल को फिलहाल रिपेयरी ग कर किसी तरह से वाहनों को दौड़ाया जा रहा है।
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