बलिया डेस्क : इन दिनों बलिया नगर पालिका परिषद के ईओ दिनेश कुमार विश्वकर्मा सुर्खियों में छाए हुए हैं। चेयरमैन और ईओ विवाद अब धीरे-धीरे तूल पकड़ने लगा है। ये प्रकरण मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल तक पहुंचने के बाद मामला हाईकमान तक पहुंच गया है। सूत्र की मानें तो ईओ के तबादले की फाइल शासन तक पहुंच चुकी है। हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारे में चर्चाएं जोरशोर से है।
विगत दिनों नपा के चेयरैमन अजय कुमार समाजसेवी ने ईओ से अपने आपको खतरा बताया था।जो में सुर्खियों में रहा। वैसे ईओ का बलिया में तीन साल अक्टूबर माह में पूरे होने जा रहे हैं। आखिर क्या वजह है कि ईओ और चेयरमैन में विवाद गहराता जा रहा है। जबकि एक समय में चेयरमैन और ईओ के बीच दामन-चोली का रिश्ता था।
लेकिन वक्त ने करवट लिया और आज दोनों एक दूसरे के आमने-सामने हैं। पिछले वर्ष जून माह में ईओ का तबादला गैरजनपद हो चुका था और उनकी जगह ईओ इंदू प्रकाश मिश्र ने बलिया में कार्यभार भी ग्रहण कर लिया था। जबकि चेयरमैन ने ईओ दिनेश कुमार विश्वकर्मा को बलिया नगर पालिका से कार्यमुक्त नहीं किया था, लेकिन तत्कालीन जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगरौत के निर्देश पर ईओ श्री मिश्र को नगर पालिका का चार्ज मिला था।
कुछ दिनों के बाद ईओ का तबादला शासन ने रोका और उन्हें फिर बलिया की कमान सौंप दी गई। कुछ माह तक ईओ और चेयरमैन के बीच अच्छे रिश्ते रहे। लेकिन लॉकडाउन के बीच दोनों के रिश्तों में तल्खी आ गई। इसके पीछे माना गया कि विकास कार्य का भुगतान के संदर्भ में चेयरमैन ने फाइल पर दस्तखत करने से मना कर दिया।
आखिर क्या वजह रही कि विकास कार्य की भुगतान की फाइल चेयरमैन के टेबल से लौट गई। बहरहाल जो भी हो इन दिनों नगर पालिका परिषद बलिया में सब कुछ अच्छा नहीं चल रहा है। ईओ के विरोध में जहां चेयरमैन है, वहीं कर्मचारी व बाबू भी लामबंद है।
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