बलिया जिले के रसड़ा तहसील के सिकरिया कला निवासिनी श्रीमती शांति देवी अपने घर का दरवाजा सार्वजनिक रास्ते की तरफ खुलवाने के लिए जिले के सभी संबंधित अधिकारी के यहां चक्कर लगा रही है, लेकिन उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सिर्फ कागजी घोड़ा दौड़ाया जा रहा है।
शुरू में बताया कि न्यायालय में विचाराधीन है। शांति देवी ने न्यायलय से केस जीत लिया। इसके बाद क्षेत्र के लेखपाल सुशील कुमार शर्मा के द्वारा तीन बार रिपोर्ट लगाई गई कि रास्ता सार्वजनिक है जो सरकारी धन से बना है जिस पर बिना स्टेप का दरवाजा लगवाना उचित प्रतीत होता है।
इसी को लेकर SDM रसड़ा द्वारा दो बार राजस्व टीम का गठन कर पुलिस बल के साथ सात दिन के भीतर दरवाजा खुलवाने का आदेश दिया। इसके बावजूद भी आज तक दरवाजा नहीं खुलवाया गया। इसको लेकर शांति देवी आज क्षेत्र के हर संबंधित अधिकारी यहां चक्कर लगा रही है। लेकिन इनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है सिर्फ कागजी घोड़ा दौड़ा जा रहा है।
शांति देवी का कहना है कि आज तक वह जिले के DM एवं SP से 10 बार मिल चुकी है लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। शांति देवी ने जिले के DM और SP से मांग है की वो इस मामले की जांच अपने अंदर में स्वतंत्र इस निष्पक्ष रूप से कराए तथा इस मामले की तुरत संज्ञान में लेकर दोषियों को दंडित करें तथा दरवाजा खुलवाएं। अन्यथा वो अब जिले से संबंधित वरीय अधिकारियों के ऑफिस के सामने आत्मदाह करेंगे। जिसका जिम्मेदार क्षेत्र के संबंधित अधिकारी होगें। क्योंकि वो अधिकारियों के यहां चक्कर लगाते-लगाते थक गई है।
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