बलिया। कोरोना काल में नरहीं क्षेत्र के कोटवां नारायणपुर और भरौली गंगा तट पर इन दिनों शवों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। जहां आमतौर पर तीन से चार शव घाटों को पहुंचे थे वहीं इस समय रोजाना 18 से 20 की संख्या में शव पहुंच रहे हैं । इन दिनों गंगा तटों पर आलम यह है कि हर रोज दर्जनों शव बिना जलाए ही गंगा में प्रवाहित कर दिए जा रहे हैं।
इसी कड़ी में सोमवार को भी गंगा तटों पर भयावह नजारा सामने आया है जहां एक साथ 12 से 14 शव अधजला अवस्था में गंगा में तैरते नजर आए। ऐसे में घाटों पर प्रदूषण फैलने की संभावना प्रबल हो गई है। मोक्षदायिनी गंगा को प्रदूषित करने में इन शवों का प्रमुख योगदान है।
ज्ञात हो कि ग्रामीण इलाकों से बड़े पैमाने पर शव गंगा घाटों पर पहुंच रहे हैं, जिसमें से प्रमुख भरौली गंगा तट पर हर रोज 18 से 20 शव पहुंच रहे हैं। हर रोज दर्जनों शवों को गंगा में प्रवाहित किया जा रहा है। इसकी पुष्टि गंगा घाटों पर अंतिम संस्कार कराने वाले डोमों ने किया है।
उल्लेखनीय है कि अधिकांश शवों की पुष्टि कोरोनावायरस के मरीज के रूप में नहीं होती है। लेकिन सच्चाई यह है कि केवल नरहीं गांव में पिछले 10 दिनों में 25 लोगों का निधन हो चुका है, ऐसे ही हालात अन्य गांवों में भी है।
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