बलिया में जाम की परेशानी बढ़ती जा रही है। जहां एक ओर जनता की समस्या से करहा रहा है तो वहीं दूसरी ओर पुलिस अवैध वसूली के आरोपों से घिरी हुई है। आरोप है कि ओक्डेगंज, बिचलाघाट, चंद्रशेखर, सिविल लाइन और जानलिपगंज पुलिस चौकी ने मनमाने तरीके से ठेले और खोमचे वालों को खुली छूट दे रखी है। ठेले-खोमचे वाले पुलिस विभाग को रोज 50 से 100 रूपए देकर कहीं भी ठेले लगाकर अतिक्रमण कर रहे हैं।
जाम के जाल में फंसे व्यापारी– पुलिस और ठेले वालों की मनमानी का नतीजा है कि लोगों को रोजाना जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। इतना ही नहीं करोड़ों रूपए लगाकर प्रतिष्ठान खोलने वाले व्यापारियों की मानें तो जाम के कारण ग्राहक उनकी दुकान तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। जिससे उनको नुकसान हो रहा है। शहर में जाम की एक नासूर समस्या है। महीने में एक भी दिन ऐसा नहीं जाता जब शहरवासी जाम के झाम से ना कराहता हो।
जाम और नुकसान से परेशान व्यापारियों का कहना है कि कपड़ा व्यापारी सुधीर कुमार ने बताया कि ठेले-खोमचों के कारण आए दिन जाम लग जाता है। जिससे व्यापारी हमारी दुकान तक नहीं पहुंच पाते हैं। स्थानीय पुलिस प्रशासन अपनी अवैध कमाई के आगे हमें परेशानी में डाल रहा है। अब तो करोड़ों की प्रतिष्ठान खोलकर हम सिर्फ मक्खी भगाने का काम कर रहे हैं। ना तो नगर पालिका में सुनवाई हो रही है और ना ही पुलिस प्रशासन कोई कार्रवाई कर रहा है।
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