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बलिया- यात्रियों की इस मजबूरी से रेलवे को हो रहा मुनाफा, 2 साल में वसूले 27 करोड़

बलिया। कोरोना काल में रेलवे स्टेशन पर टिकट काउंटर बंद होने के बाद से लगातार लोग बेटिकट के पकड़ा रहे हैं। जहां कोरोना काल से लेकर अब तक वाराणसी से छपरा रेलखंड पर करीब 4.90 लाख बेटिकट यात्री पकड़े गए हैं। इनसे 27.24 करोड़ रुपये जुर्माना वसूला गया है। रेलवे की यह भारी भरकम आय ऑनलाइन टिकट के पेंच से हुई है। क्योंकि कोरोना काल में बंद ट्रेनों का परिचालन भले ही शुरू कर दिया गया, लेकिन काउंटर से टिकट की व्यवस्था नहीं दी गई। ऐसे में जरूरतमंद यात्री कोई भी रिस्क लेकर ट्रेनों से यात्रा करने लगे और रेलवे के मुनाफे में अचानक उछाल आ गया।

अगर सिर्फ दो साल के आकड़े पर गौर करें तो वाराणसी मंडल ने 2021 में 42 हजार 477 यात्रियों से 2.48 करोड़ जुर्माना वसूल लिया, जबकि 2022 में 4 लाख 48 हजार 334 यात्रियों से 27.24 करोड़ रुपये वसूले गए हैं। और यह सिलसिला अभी भी जारी है। जिले में रेलवे के दो रूट हैं। एक भटनी मऊ होते आजमगढ़, और दूसरा वाराणसी, गाजीपुर, बलिया होते छपरा। सबसे अधिक जुर्माना वाराणसी-बलिया-छपरा रूट पर ही वसूल किया गया है। औड़िहार से जौनपुर रेलखंड पर भी खूब जुर्माना वसूला गया।

मजबूरी में देना पड़ा जुर्माना – ट्रेनों में बिना टिकट के चलने वाले यात्रियों की मजबूरी ने भी भारी भरकम जुर्माना दिया है। ऑनलाइन टिकट में यात्रियों को तय तिथि पर टिकट नहीं मिलने पर वह जुर्माना भर कर भी यात्रा कर रहे हैं। इस व्यवस्था से रेलवे को जुर्माना के तौर पर फायदा जरूर हो रहा है, लेकिन नुकसान भी कम नहीं है। जो यात्री चेकिंग से बच गए वह बिना कोई जुर्माना दिए भी अपनी यात्रा पूरी कर ले रहे हैं। 50 फीसद मामले ऐसे भी सामने आए, जहां यात्री बेटिकट तो पकड़े गए लेकिन बिना जुर्माना राशि वसूलने के बजाय उन्हें सुविधा शुल्क लेकर छोड़ दिया गया।

वहीं वाराणसी रेलवे के वाणिज्य प्रबंधक संजीव शर्मा का कहना है कि टिकट चेकिंग के लिए विशेष अभियान चलाया गया। सभी रूटों पर 4 चेकिंग टीम गठित की गई थी। स्टेशनों के मुख्य गेट पर भी टीटी चेकिंग कर रहे थे। इस वजह से रेलवे को अच्छी आय हुई है। अब काउंटर से टिकट की सुविधा देने के लिए विचार किया जा रहा है।

Ritu Shahu

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