बलिया में संपूर्ण समाधान दिवस पर पहुंचे एक युवक ने अधिकारियों के सामने ही खुद पर चाकू से आत्मघाती हमला कर दिया था। युवक का अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। इस मामले में लापारवाही बरतने वाले अधिकारियों पर प्रशासन की गाज गिरी है। प्रशासन ने बांसडीह चौकी प्रभारी राजेश सिंह और सिपाही प्रदीप कुमार को निलंबित कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, पिंडहरा निवासी सनोज गोंड़ संपूर्ण समाधान दिवस पर शिकायत करने पहुंचा था। एसपी से बात कर रहा था। इस बीच किसी बात को लेकर आक्रोशित हो गया और चाकू से कई बार खुद पर वार कर लिया। बताया जा रहा है कि छह महीने से पीड़ित थाना और तहसील में चक्कर काट रहा था लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। इससे परेशान होकर उसने आत्मघाती कदम उठाया।
इस घटना के बाद डीएम रवींद्र कुमार ने एसडीएम और सीओ की संयुक्त टीम बना दी तो वहीं एसपी देवरंजन वर्मा ने सुरक्षा में हुई चूक की जांच कराने को कहा। इस मामले में हैरानी की बात ये रही कि प्रकरण की जांच करने के लिए बनाई गई टीम चौबीस घंटे बाद भी फरियादी के घर नहीं पहुंची। मामले को लेकर पुलिस और राजस्व विभाग एक दूसरे पर ठिकरा फोड़ रहे हैं। अब मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। सुरक्षा में हुई चूक के लेकर चौकी प्रभारी और सिपाही को निलंबित कर दिया गया है।
मामले की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, बांसडीह कोतवाली के पिंडहरा गांव में 2015 में शिकायतकर्ता की मां प्रभावती देवी सहित अन्य तीन चार लोगों निलकर भूमि खरीदी थी। सभी आपस में हिस्से की जमीन का बंटवारा कर लिया था। इस बीच प्रभावती के बेटे सनोज गोंड और अशोक के बीच प्रस्ताव छज्जा निर्माण का विवाद चल रहा था। 18 जनवरी को सनोज गोंड ने दीवानी न्यायालय में बाद दखिल किया था, जो विचारधीन है।
पीड़ित युवक ने कई माह में अपनी समस्या को लेकर 19 प्रार्थना पत्र दिये गये हैं। इसमें पुलिस के पास तीन प्रार्थना पत्र व राजस्व विभाग के पास 16 प्रार्थना पत्र लंबित हैं। मामले में पुलिस द्वारा विवाद को लेकर दोनों पक्षों का दो बार शांति भंग में चालान किया गया है। वहीं, राजस्व विभाग द्वारा भी मामले में तकनीकी समस्याओं का हवाला देकर रिपोर्ट लगाई गई है। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस व राजस्व विभाग दोनों ने अपनी तकनीकी दक्षता दिखाई, लेकिन समस्या का निस्तारण नहीं किया जा सका।
एसडीएम बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि सनोज का मामला दीवानी न्यायलय में चल रहा है इसलिए इसमें ज्यादा प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हो सकती है। मामले की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है। आचार संहिता लगने के कारण चुनाव आयोग के निर्देशों को लेकर थोड़ी व्यस्तता हो गई है। मौके पर निर्माण रोक दिया गया है, निगरानी की जा रही है।
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