बलिया का नौरंगा पीपा पुल गुरुवार को दोपहर में टूट गया। बैरिया से गंगा उस पार नौरंगा व आसपास के गांवों में जाने के लिए यह पुल ही एकमात्र सहारा था। इसके टूट जाने से लगभग 30 हजार आबादी का जिला, तहसील व ब्लाक मुख्यालय से सीधा सम्पर्क टूट गया है।
बता दें कि नौरंगा गंगा घाट पर इस बार आनन-फानन में पीपा पुल का निर्माण कर दिया गया। इसे बिना रस्सी-बल्ली के सहारे तैयार कर दिया गया था। लोहे की चादर भी नहीं बिछी थी।
गुरुवार को दिन में पछुवा हवा के तेज झोंको में दक्षिणी नाका से पुल टूट गया। संयोग ही रहा कि उस समय पुल पर कोई राहगीर नहीं था। ग्रामीणों का आरोप है कि पुल बनाने में लापरवाही की गई। वहीं मौके पर कोई अधिकारी नहीं पहुंचा था। ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण में कहीं भी रस्सा नहीं लगाया गया था। अगर रस्सा लगा रहता तो पुल नहीं टूटता। क्षेत्रीय जनता अब कार्यदायी संस्था पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रही है।
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