संसद में 17वीं लोकसभा दुसरे दिन बलिया के सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने संस्कृत भाषा में शपथ ली.
संस्कृत भाषा से वीरेंद्र सिंह गहरा लगाव है। इस वजह से उन्हाेंने इस बार इसी भाषा में शपथ लेने का मन बनाया।
बताया गया कि निरंतर संस्कृत को आगे बढ़ाना जरूरी है, इसके लिए यह एक काेशिश है। संस्कृत भाषा से जुड़े संगठनों ने संस्कृत में शपथ लेने पर वीरेंद्र सिंह मस्त को बधाई भी दी है।
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