सोशल मीडिया डेस्क: बलिया के लोगों को लगता है कि उन्होंने लोकसभा चुनाव में सांसद या नेता नहीं बल्कि कोई ऐसा आदमी चुन लिया है जिसका काम महज़ तमाम अवसरों पर लोगों को बधाई बांटना है. ऐसा हम नहीं बल्कि बलिया के स्थानीय लोग कह रहे हैं जोकि इन दिनों अपने सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त से ख़ासा नाराज़ चल रहे हैं.
दरअसल बीते कुछ दिनों से बलिया के लोग तमाम तरह की परेशानी का सामना कर रहे हैं. पहले तो आई बाढ़ से तमाम लोगों को बेघर कर दिया है और काफी नुक्सान लोगो को उठाना पड़ा. वहीँ इसके बाद बारिश से स्थिति और खराब कर दी. जगह जगह पर पानी भर आया. सड़क का हाल तो बुरा पहले से ही था, वहीँ पानी बरसने से सड़क तो डूबी ही. तमाम सरकारी कार्यालय से लेकर जिला कारागार तक डूब गया. पुलिस लाइन में बने सरकारी आवास में भी पानी भर आया.
जिले के बदहाली की चर्चा पूरे प्रदेश में हुई लेकिन शायद सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त इससे अनजान थे. उन्होंने एक बार भी लोगों के बीच आकर उनका हाल जानना ज़रूरी नहीं समझा. वहीँ बात बात पर सोशल मीडिया के ज़रिये बधाइयों की झड़ी लगाने वाले वीरेंद्र सिंह मस्त ने एक शब्द नहीं कहे. हैरानी वाली बात तो यह रही कि बलिया के बाढ़ का जायजा लेने के लिए खुद सीएम योगी तक आ गए लेकिन वीरेंद्र सिंह मस्त नदारद रहे.
ऐसे में ज़ाहिर सी बात है कि जिसे नेता चुना, जब वही मुश्किल की घड़ी में गायब है तो लोग तो नाराज़ होंगे ही.अब सोशल मीडिया पर लोग अपनी नाराज़गी दर्ज करा रहे है. आज है जेपी नारायण की जयंती. इस मौके पर जब वीरेंद्र सिंह मस्त ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया तो लोगों ने उन्हें घेर लिया. किसी ने बलिया की बदहाल रोड, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था के लिए उनपर निशाना साधा तो किसी ने उनकी गैर मौजूदगी के लिए.
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