बलिया जिले से होकर बहने वाली दो प्रमुख नदी गंगा और घाघरा दोनों की अपना रौद्र रुप दिखा रही हैं। नदी का बढ़ता जलस्तर तटीय इलाकों को अपनी चपेट में ले रहा है। नदियों के तेज बहाव से कटान जारी है। जिससे ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
गंगा और घाघरा दोनों नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब जा रहा है। केंद्रीय जल आयोग से मिली जानकारी के अनुसार गायघाट पर सोमवार की सुबह आठ बजे गंगा का जल स्तर 56.220 मीटर पर पहुंच गया था। यहां चेतावनी बिन्दु 56.615 मीटर और खतरा बिन्दु 57.615 मीटर है। नदी में फिलहाल आधा सेमी प्रति घंटे का बढ़ाव जारी है। इसी प्रकार तुर्तिपार में डीएसपी हेड पर घाघरा का जलस्तर सुबह आठ बजे 63.390 मीटर रिकार्ड किया गया। यहां खतरा बिन्दु 64.01 मीटर है।
तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। हर साल दोनों नदियों में बाढ़ के चलते 250-300 गांव पूरी तरह पानी से घिर जाते हैं और लोगों को काफी ज्यादा परेशानी होती है। इसी खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड़ पर है। डीएम ने सभी जिम्मेदार विभागों को तैयारी पूरी रखने का निर्देश दिया है। जिलापूर्ति, स्वास्थ्य तथा अन्य महकमों को हर स्थिति से निपटने के लिये तैयार रहने को कहा है।
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