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बलियाः धान बेचने क्रय केंद्रों के चक्कर लगा रहे किसान, 288 किसानों को नहीं हुआ 4 करोड़ का भुगतान

बलिया जिले में धान खरीद समय सीमा खत्म होने में 31 दिन ही शेष रह गए हैं। लेकिन क्रय केंद्रों के हाल बेहाल हैं। कहीं किसानों से खरीदी गई धान फैली है तो कहीं बोरियों का संकट है। इन हालातों के बीच अब केंद्र प्रभारी की ओर से धान की खरीद ही रोक दी गई है। धान खरीद न होने से बिचौलियों की मौज हो गई है। वह किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर सस्ते दामों पर फसल खरीद रहे हैं।

किसानों की धान खरीद में हर साल कुछ ऐसी ही परेशआनी आती है। इस बार जिले में एक नवंबर से ही कुल 80 क्रय केंद्र स्थापित किए गए थे। जिसमें कुल 124400 मी. टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित है। लेकिन बारिश-जलभराव के कारण धान की कटाई देर से हुई, तो शुरुआती दौर में 5 क्रय केंद्र बंद ही हो गए।
बचे 75 केंद्र में से भी 30 क्रय केंद्र बंद हो चुके हैं। रहे सहे 45 क्रय केंद्र अपनी मनमानी पर उतारू हैं। हालात ये हैं कि किसानों से धान खरीद लिए गए लेकिन भुगतान नहीं हुआ। ऐसे में  288 किसानों के करीब चार करोड़ रुपये का भुगतान अभी भी फंसा हुआ है।
बात करें चितबड़ागांव विपणन केंद्र की, तो यहां एक दर्जन से अधिक किसान ट्रैक्टरों पर धान लाद कर क्रय केंद्रों पर कई दिनों से जमे हुए हैं। लेकिन धान खरीदी नहीं हो पा रही। कुछ किसानों को टोकन नहीं मिल पा रहा। महीनों से धान खरीदी के बावजूद अभी कुछ ही किसानों की धान खरीदी हो पाई है। किसानों का कहना है कि केंद्र का चक्कर लगा रहे हैं, रोज आज व कल तौल होने की बात कही जा रही है। क्रय केंद्र पर मनमानी की जाती है और किसान परेशान हैं।
वहीं मामले को लेकर विपणन प्रभारी पूर्णेन्दु प्रवीण ने बताया कि लगभग 250 किसानों का कुल 18000 क्विंटल धान क्रय हो चुका है लेकिन बीच में ऑनलाइन टोकन आ जाने से ऑफलाइन टोकन वालों का तौल रुक गया था। प्रतिदिन हम 400 क्विंटल ही धान की खरीदारी कर पाते हैं क्योंकि एक ही मिलर है और वहां पर भी पर्याप्त जगह नहीं है। जिनको नहीं बुलाया जाता है वह किसान भी ट्रैक्टर पर धान लेकर केंद्र पर पहुंच आते हैं और हो हल्ला मचा रहे हैं। अब तक कुल 549 टोकन जारी कर दिए गए हैं जिनमें लगभग 100 किसानों का धान क्रय हो चुका है।
बलिया के जिला विपणन अधिकारी अविनाश चंद्र सागरवाल का कहना है कि एफपीओ व पंजीकृति समितियों के सभी 30 क्रय केंद्रों की खरीद पर शासन से रोक लगा दी गई है। इन केंद्रों पर खरीद के सापेक्ष 70 फीसदी किसानों को भुगतान नहीं किया गया था। अब 45 क्रय केंद्र संचालित हैं। किसान आसपास के केंद्रों पर धान की बिक्री कर सकते हैं।
Rashi Srivastav

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