बलिया : प्रशासनिक कार्यों को बख़ूबी अंजाम देने वाले जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ज़मीन से किस कदर जुड़े हुए हैं इसकी एक बानगी तब देखने को मिली जब वो मंगलवार को एक ट्रैक्टर लेकर खुद ही खेत में उतर गए और जुताई शुरू कर दी।
खेत की जुताई करते वक़्त जिलाधिकारी पूरी तरह से एक किसान की वेशभूषा में नज़र आए। उन्होंने लोवर, आधी बांह वाला कुर्ता व गर्दन में गमछा बांध रखा था।
इस दौरान शाही के साथ उनका बेटा भी मौजूद रहा, जिसने खेतों की जुताई में उनकी मदद की। डीएम ने खेत की जुताई कार्यालय के तमाम कार्य निपटाने के बाद आवास वापस लौटने के बाद की। दरअसल उनके आवास परिसर में ही तकरीबन ढाई एकड़ का खेत है, जिसमें पूरे साल ही कोई ना कोई फसल उगाई जाती है।
शाही ने इसी ज़मीन पर जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए ढैंचा (जैविक खाद के लिए इस्तेमाल होने वाली एक तरह की घास) लगवाया था। जिसे काटने का समय आ चुका था। इसे काटने का काम आमतौर पर खेतिहर मज़दूर करते हैं।
लेकिन यहां डीएम ने खुद इस काम को अंजाम दिया। उन्होंने ट्रैक्टर मंगवाया और खुद ही उसे चलाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते डीएम ने ढ़ाई एकड़ के खेत को अपने बेटे के साथ मिलकर जोत डाला। डीएम ने बताया कि परिसर में मोटा अनाज बाजरा व मड़ुआ की खेती की जाएगी। यह शुद्ध देशी अनाज है और सेहत के लिए काफी फायदेमंद भी होता है।
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