बलिया के जिला अस्पताल में बीएचयू की तर्ज पर भर्ती पर्ची का प्रारुप बनाया जाएगा। अब मरीजों को मेडिसिन के लिए सफेद पर्ची और सर्जरी के लिए पीली पर्ची दी जाएगी। अस्पताल प्रबंधन के द्वारा मेडीसिन पर्ची को 14 पन्ने और सर्जरी पर्ची को 16 पन्नों की बनाने की कवायद की जा रही है।
10 साल बाद जिला अस्पताल की पर्ची का रुप बदलेगा। दस साल पहले जिला अस्पताल भर्ती पर्ची का शुल्क 34 रुपए निर्धारित था। मरीजों के विरोध के बाद से भर्ती पर्ची (बीएचटी) का प्रारुप बदलकर उसे नि: शुल्क कर दिया गया, लेकिन उसके प्रारुप में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
केवल एक पन्ने के बीएचटी पर मरीजों के नाम-पता और उम्र के साथ ही उसकी पूरी मेडिकल हिस्ट्री भरना डॉक्टरों के सामने चुनौती होती थी। ऐसे में अब इसे बदला जाएगा। बता दें कि अस्पताल के सीएमएस डॉ. दिवाकर सिंह के कार्यभार ग्रहण करने के बाद से व्यवस्था सुधारने का काम किया है।
इसके लिए पूर्व सीएमएस डॉक्टर वीके सिंह को नोडल अफसर नामित कर भर्ती पर्ची का प्रारुप बदलना शुरु कर दिया है। जिसके बाद अब मरीजों को मेडिसिन के लिए 14 पन्ने की सफेद बीएचटी और सर्जरी कराने वाले मरीजों को 16 पन्ने की पीली बीएचटी पर भर्ती किया जाएगा। इसमें मरीजों की पूरी डिटेल के साथ ही उनकी मेडिकल हिस्ट्री लिखने के लिए पर्याप्त स्थान होगा, जिससे मरीजों और इलाज करने वाले डाक्टरों को काफी सहूलियत होगी।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर दिवाकर सिंह का कहना है कि बीएचटी का प्रारूप तैयार किया जा रहा है। जल्द ही मरीजों के लिए इसका इस्तेमाल शुरू हो जाएगा। अधिक पन्नों की बीएचटी होने से मरीजों की पूरी मेडिकल हिस्ट्री दर्जकरने में चिकित्सकों को आसानी होगी। साथ ही इलाज में भी सहुलियत मिलेगी।
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