बलिया में डेंगू का प्रकोप बढ़ते ही स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत सामने आ गई है। जिला अस्पताल से आई तस्वीरों से स्वास्थ्य विभाग की पोल खोल दी है। दम तोड़ती स्वास्थ्य सेवाओं के हाल यह हैं कि जिले के सबसे बड़े अस्पताल में डेंगू के मरीजों के इलाज के लिए इंजेक्शन तक नहीं है।
मरीजों के इलाज के लिए बाहर से इंजेक्शन मंगाए जा रहे हैं। ब्लड टेस्ट भी बाहर से हो रहे हैं। अस्पताल के डेंगू वार्ड में चार मरीज भर्ती हैं। इन मरीजों के परिजनों की मानें तो 5 इंजेक्शन में से 3 बाहर से आए हैं, केवल 2 इंजेक्शन यहां से लगे हैं। मरीजों का ब्लड टेस्ट भी बाहर से हुआ है।
वहीं सीएमओ डॉक्टर जयंत कुमार का कहना है कि अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में दवाईयां हैं। हर अस्पताल में 5 बेड और जिला अस्पताल में 10 बेड रिज़र्व कर दिए गए है। 140 मरीज में से केवल 28 मरीज ऐसे है जिनकी दवा चल रही है। बाकी सब ठीक हो गए है।
उन्होंने कहा कि डेंगू को लेकर गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, फॉगिंग और छिड़काव कराया जा रहा है। किसी चीज की यहां कमी नही है। मेरा सौभाग्य है या मेहनत का फल है कि अभी तक हमे एक भी मरीज भर्ती नही करना पड़ा है।
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