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बलिया। शहर में लगातार ओवरलोड ट्रांसफार्मर जलने की खबर सामने आ रही हैं। बिनटोलिया में 400 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर दो साल से ओवरलोड है। जबकि मई में बहेरी और जेपी नगर में लगा 400 केवीए ट्रांसफार्मर दो-दो बार जल गया। इसी तरह 400 केवीए उमरगंज और बेदुआं इलाके में लगा एक बार ट्रांसफार्मर जल गया। इन इलाकों में 10-10 हजार आबादी को बिजली आपूर्ति करने में अफसरों के पसीने छूट रहे हैं। सिर्फ यही नहीं, शहर में विद्युत वितरण खंड द्वितीय के इंजीनियरों ने करीब 26 ट्रांसफार्मर चिह्नित किए हैं, जो ओवरलोड चल रहे हैं।
2 साल में स्वीकृत नहीं हुए 95 लाख- पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के उपखंड अधिकारी नगर ने इस संबंध में बीते 5 अप्रैल को अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर लचर व्यवस्था को संभालने में असमर्थता जताई है। इन ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के लिए करीब 95 लाख रुपये का प्रस्ताव दो साल बाद भी स्वीकृत नहीं हुआ। शहर की करीब तीन लाख आबादी गर्मी में तकलीफ झेलने को मजबूर है। बार-बार दग रहे ट्रांसफार्मरों से जनता आजिज आ गई है।
यहां ओवरलोड ट्रांसफार्मर- नया चौक, आवास विकास कालोनी, आनंद नगर, बहेरी, उमरगंज, रामपुर महावल, चंद्रशेखर नगर, बिनटोलिया, गड़वार रोड, हैबतपुर, मिड्ढी चौराहा, महावीर घाट, जेपी नगर और मुलायम नगर समेत कुल 26 स्थान।
दो साल में जले 11,436 ट्रांसफार्मर- जिले भर में 30,567 ट्रांसफार्मर से बिजली आपूर्ति की जा रही है। एक अप्रैल से मार्च 2022 तक 5937 ट्रांसफार्मर जले हैं, जबकि 2021 में 5499 ट्रांसफार्मर फुंक गए थे। इस तरह दो साल में 11,436 ट्रांसफार्मर ओवरलोड और अर्थिंग में लापरवाही बरतने के कारण जल गए। इस समय बिजली संकट का बड़ा कारण ट्रांसफार्मर का जलना भी है। एक बार ट्रांसफार्मर जलने पर बदलने में विभाग को 24 घंटे से अधिक समय लग रहा है। लोग बिजली के साथ पानी के संकट से भी जूझते हैं।
वहीं रानीगंज बाजार में पूरब फाटक पर लगा 400 केवीए का ट्रांसफार्मर जलने के कारण 72 घंटे से बिजली नहीं है। उपभोक्ताओं में आक्रोश है। पूरब फाटक पर लगे ट्रांसफार्मर से चेताछपरा, पसरहट्टा, अनाज पट्टी, रानीगंज चौक, गुड़ हट्टी, सुनार पट्टी, चावल पट्टी, देवकी छपरा आदि गांवों में आपूर्ति होती है। एक सप्ताह से गड़बड़ी थी और शुक्रवार को ट्रांसफार्मर जल गया। ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाने से गर्मी में लोग परेशान हैं। सबसे बड़ी समस्या बाजार क्षेत्र में पेयजल को लेकर है।
अधिशासी अभियंता मिथिलेश कुमार का कहना है शहर में ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की सूची मुख्यालय को भेजी गई है। उनकी क्षमता वृद्धि हो जाए तो निश्चित रूप से जनता को 24 घंटे बिजली देने में सुविधा होगी। वर्तमान समय में जो संसाधन हैं, उनसे बेहतर आपूर्ति किए जाने की कोशिश चल रही है।
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