कोरोना: राशन लेने तहसील पहुंची महिलाओं ने तहसीलदार पर लगाया अभद्रता का आरोप!

बलिया डेस्क:  एक तरफ शासन जहां सभी को राशन मुहैया कराने का दावा कर रहा है, जिला प्रशासन ह्वाट्सएप नंबर जारी कर राशन घर तक पहुंचाने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ बलिया मॉडल तहसील में महिलाओं को राशन के लिए जलील होना पड़ रहा है.

कुछ इस तरह का नजारा सोमवार को उस वक्त देखने को मिला, जब मॉडल तहसील के अंदर से बाहर आते वक्त एक वृद्ध महिला ने चिल्लाते-चिल्लाते तहसीलदार को कोसने लगा. वृद्ध ने बताया कि उनके द्वारा राशन की गुहार लगाने पर तहसीलदार द्वारा उनके साथ अभद्रता से पेश आया गया है, अभी वृद्ध बोल ही रही थी कि तब तक मॉडल तहसील परिसर के बाहर बैठी अलग-अलग मुहल्ले की महिलाओं तथा एक-दो की संख्या में पुरूष कार्डधारक ने भी अपना दुखड़ा सुनाया.

सभी लोगों का यही आरोप था कि उन्हें राशन नहीं मिला है, गुहार लगाने पर तहसीलदार झल्लाते हुए अपशब्दों का प्रयोग कर रहे हैं.
शहर के आनंदनगर निवासी किस्मती देवी ने बताया कि उसका राशन कार्ड बना नहीं, पुराना राशन कार्ड है जिसे मैं लेकर तहसील में आई थी, लेकिन तहसीलदार ने मेरी बात सुनने के बजाय मुझे जलील किए है, जबकि मौके पर एसडीएम भी मौजूद थे.

वहीं परमांदापुर निवासी कार्डधारक सुशीला देवी ने बताया कि कार्ड तो बना है लेकिन नाम नहीं चढ़ने से मुझे राशन नहीं मिल रहा है, कार्डधारक रामपुर महावल निवासी मीरा ने बताया कि मेरा नाम है बावजूद मुझे राशन नहीं मिला है. मैं जब शिकायत लेकर आई तो हम लोगों को लौटा दिया गया. इसी प्रकार का आरोप सावित्री देवी, सरस्तरी, अशोक गिरी, सबिता देवी, श्रीनाथ, संजय, तेतरी देवी, भानूमती देवी, आशा देवी सभी लोग राशन के लिए गुहार लगाने लगे थे, लेकिन सभी लोगों का कहना है कि उनके द्वारा जब तहसील प्रशासन के यहां गुहार लगाई जा रही है तो तहसील प्रशासन से उन्हें अपमान होना पड़ रहा है.

महिलाओं के आरोप के बाद मौके से खिसके तहसीलदार
महिलाओं द्वारा आरोप लगाने के बाद तहसीलदार खुदको घेरता देख कुछ देर के लिए तहसील से गायब हो गए. जबकि उस वक्त एसडीएम व नायब तहसीलदार मौके पर मौजूद रहकर अन्य समस्याओं का समाधान करने में लगे रहे. आलम यह रहा है कि तहसीलदार मास्क भी नहीं पहने थे, महलाओं के आरोप के बाद कुछ देर के लिए तहसील में भी गहमा-गहमी की स्थिति रही.

एसडीएम ने डीएम के पाले फेंका गेंद
महिलाओं के आरोप पर एसडीएम का कहना है कि महिलाएं राजनीति से प्रेरित है, जितनी भी महिलाएं आई है लगभग सभी महिलाओं को राशन मिल गया है, बावजूद आ रही हैं. हां तहसीलदार द्वारा उनके साथ जरूर अभद्रता से पेश आया गया है, इस बात से मैं भी आहत हूं, लेकिन यह तहसीलदार की पुरानी आदत है कभी भी फरियादियों के साथ ठीक से पेश नहीं आते है. मैं पूरे घटनाक्रम से जिलाधिकारी को अवगत कराऊंगा.

पुलिस के सामने ही सोशल डिस्टेंस की उड़ी धज्जियां
सोमवार को माडॅल तहसील में जो कुछ भी हुआ उससे सोशल डिस्टेंस की धज्जियां उड़ गयी, हालांकि तहसील परिसर में उस वक्त पुलिसकर्मी मौजूद थे, लेकिन किसी ने रोका नहीं. महिलाओं ने एक साथ भीड़ लगाकर पूरे दिन जहां-तहां बैठी दिखी. जबकि पुलिस भी मानो मूकदर्शक नजर गयी. सब कुछ मानो आम दिनों की तरह रहा.

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