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बलियाः कांस्टेबल का अनोखा आवेदन, शादी के बाद ‘खुशखबरी’ के लिए 15 दिन की छुट्टी चाहिए

बलियाः चाहे कोई तीज त्यौहार हो, या कोई बड़ा उत्सव, पुलिसकर्मियों को छुट्टी नहीं मिल पाती। 12-12 घंटों की ड्यूटी, काम का बोझ और परिवार से दूरी पुलिस को तनाव ग्रस्त करती है। छुट्टी न मिलने से दारोगा से लेकर सिपाही तक परेशान हैं।

आम तौर पर जरुरी कार्यों के लिए दो-चार दिन का ही अवकाश मिलता है। ऐसे में पुलिसकर्मी अवकाश के लिए अजीबोगरीब तर्क दे रहे हैं। ताजा मामला सामने आया है बलिया से, जहां डायल 112 में तैनात एक कांस्टेबल ने छुट्टी के लिए बेहद ही अजब गजब और रोचक आवेदन दिया है।

सिपाही ने अपने आवेदन में लिखा है कि  ‘महोदय, प्रार्थी की शादी को सात महीने हो गए, अभी तक कोई खुशखबरी नहीं मिली है। डॉक्टर के सलाह के अनुसार दवा ली है तथा उनके साथ रहना है। प्रार्थी घर पर निवास करेगा। अत: श्रीमान जी से निवेदन है कि प्रार्थी को 15 दिवस का ईएल देने की कृपा करें।’ सक्षम द्वारा इसे संस्तुति के साथ अग्रसारित भी कर दिया गया है।

वहीं एएसपी दुर्गा प्रसाद तिवारी का कहना है कि अवकाश लेना हर किसी का अधिकार है। कभी-कभार पर्व-त्योहार पर आपात स्थिति को छोड़कर अन्य समान्य छुट्टी देने में परहेज किया जाता है। किसी सिपाही द्वारा अवकाश के लिये इस तरह की बातों का हवाला देकर आवेदन करने की जानकारी नहीं है।

गौरतलब है कि विभाग में कई पुलिसकर्मी छुट्टी न मिलने से परेशान हैं। कई जवान ऐसे हैं जिन्हें काफी समय से छुट्टी नहीं मिली। प्रदेश के किसी भी जगह पर तनाव होते ही सबसे पहले पुलिसकर्मियों की छुट्टी बंद कर दी जाती है। छोटे-बड़े चुनावों के अलावा होली, दीपावली, दशहरा, ईद, बकरीद, मोहर्रम आदि तीज-त्योहार पर अवकाश देने की प्रक्रिया को बंद कर दी जाती है। ऐसे में पुलिसकर्मी तनावग्रस्त हैं.

बता दें कि पुलिस अथवा अन्य सरकारी महकमों में महिलाओं के लिये मातृत्व तथा पुरुषों के लिये पितृत्व अवकाश का प्रावधान है। लेकिन महिलाओं को जहां 180 दिन का अवकाश मिलता है लेकिन पुरुषों को केवल 15 दिन का ही पितृत्व अवकाश मिल सकता है। विभागीय अधिकारी के अनुसार यह अवकाश पूरी नौकरी के दरमियान केवल दो बार ही लिया जा सकता है।

Rashi Srivastav

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