बलिया: यूपी के सरकारी स्कूलों की क्या हालत है, यह बात तो अब किसी से छुपी नहीं है. यहाँ मिड डे मील में कभी डाल की जगह हल्दी वाला पानी दिया गया तो कभी बच्चों को खाने के लिए रोटी के साथ नमक. यह खबर मीडिया में सामने आ चुकी हैं लेकिन अब यहाँ अपने बलिया के गड़वार ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय चवरी से एक बेहद शर्मनाक मामला पेश आया है जहाँ के स्कूल में पढने आये ड्रेस पहने बच्चों को ठेले से राशन लाने के लिए कोटेदार के घर भेज दिया गया.
इसका वीडियो भी आया है जिसमे देखा जा रहा है कि पांच छोटे छोटे बच्चे शिक्षक ठेला खिंचवा रहे हैं.जब गाँव वालों की नज़र बच्चों पर पड़ी तो वह नाराज़ हुए और सवाल किया तो पता चला कि स्कूली बच्चे एक किलोमीटर दूर से कोटेदार के घर से राशन ला रहे थे ताकि मिड डे मील स्कूल में बन सके. वहीँ जब बात आगे बढ़ गयी तो स्कूल के टीचर ने बात बनाने की कोशिश की.
स्कूल के भारी प्रधानाध्यापक आलोक यादव का कहना है कि स्कूल में मिड डे मील के लिए राशन ख़त्म हो गया था. उन्होंने कहा कि जब ठेला खिंचने वाला नहीं मिला तो यह बच्चे खुद से ही उत्साह में कोटेदार के घर राशन लाने चल दिए. उनका कहना है कि इसके लिए बच्चों पर किसी भी तरह का दबाव नहीं बनाया गया था. वहीँ अपने बचाव में उन्होंने यह भी कहा है कि स्कूल विद्या का मंदिर होता है.
ऐसे में अगर कोई छोटा मोटा काम बच्चे कर भी देते हैं तो उसे प्रतिष्ठा का विषय नहीं बनाना चाहिए.उनके इस तरह के बयान से आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि स्कूली बच्चों के प्रति वह क्या सोच रखते हैं और उन्हें किस तरह की तालीम स्कूल में दी जाती होगी. बहरहाल अब इस मामले में बीएसए शिवनारायन सिंह ने कहा है कि खंड शिक्षाधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है. वहीँ बच्चों के साथ गए टीचर को सस्पेंड कर दिया गया है.
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