बलिया- मंत्री आनन्द स्वरूप शुक्ल के आवास पर हंगामा मामले में महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज

बलिया डेस्क: संसदीय कार्य मंत्री एवं बलिया से नगर विधायक आनंद स्वरुप शुक्ल के कैंप कार्यालय मे हुई तोड़फोड़ के मामले में सदर कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को आधा दर्जन महिलाओं व 20-25 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने यह कार्रवाई मंत्री के समर्थक राबिन सिंह निवासी टकरसन, बांसडीह रोड की तहरीर पर की है।

पुलिस के द्ववारा दर्ज तहरीर में क्या लिखा है?

पुलिस के द्ववारा दर्ज तहरीर में लिखा है कि राबिन सिंह अपने गांव के कुछ लोगों की समस्याओं को लेकर मंत्री के कैंप कार्यालय गोपाल बिहार कालोनी गए थे। वहां पर सर्फुद्दीनपुर निवासी डिंपल सिंह व माल्देपुर निवासी अश्वनी राय भी मौजूद थे। इसी दौरान 25-30 की संख्या में महिलाएं वहां पर आ गईं। वे तेज आवाज में कान्वेंट में पढ़ने वाले अपने बच्चों के यूनिफार्म एवं पाठ्य पुस्तक के लिए दस हजार रुपये प्रति छात्र दिलाने की मांग करने लगीं।

इन सबके अलावा ग्राम पंचायतों के आरक्षण नियम को बदलवाने का दबाव बनाने लगी। मंत्री उनके प्रार्थना पत्र पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए। इसके बाद महिलाएं बाहर निकल गईं। उसी समय धन जी यादव वहां आकर महिलाओं को भड़का दिए। इस पर वह हंगामा करते हुए तोड़फोड़ शुरू कर दी। पुलिस ने इस तहरीर पर बनकटा निवासी रानी, चंदा शाह, भृगु आश्रम निवासी तीजी , जापलीनगंज निवासी दुर्गा, राजेंद्र नगर निवासी पूनम तथा दुबहड़ थाना क्षेत्र के शिवपुर दीयर नई बस्ती निवासी धनजी यादव समेत 20-25 अज्ञात पर मुकदमा कायम कर लिया है।

क्या हुआ था?

पिछले सोमवार को मंत्री आनंद स्वरुप शुक्ल के कैंप कार्यालय पर कुछ महिलायें कान्वेंट में पढ़ने वाले अपने बच्चों के यूनिफार्म एवं पाठ्य पुस्तक के लिए दस हजार रुपये प्रति छात्र दिलाने की मांग करने के लिये राज्य मंत्री के यहां पहुंची । महिलाओं का अरोप है कि उनके द्ववारा अपने बच्चों के शिक्षा के लिए अपनी बात रखा ही जा रहा था कि राज्य मंत्री शुक्ल जी गुस्सा हो गए ।

राज्य मंत्री के सहयोगी महिलाओं के साथ धक्का मुक्की करने लगे। महिलाओं का यह भी अरोप है कि राज्य मंत्री द्वारा अपने जूता से व उनके सहयोगियों द्वारा लाठी डंडे से मारा पीटा गया । इस घटना में महिलाओं को गहरी चोटें आई थी। जिसके बाद महिलाओं ने भी आनंद स्वरुप शुक्ल के कैंप कार्यालय पर हुए बवाल के बाद महिलाओं ने सदर कोतवाली में तहरीर दी थी।

महिलाओं ने इसमें मंत्री के समर्थक व पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाया था। अब जब, इस मामले में उन महिलाओं के खिलाफ ही तहरीर दर्ज की गई तब, जिले में इस मामले पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया हैं। हर कोई अपने-अपने तरीके से इस घटना का आकलन कर रहा है। इसके साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी लोग अपने अपने तरीके से इस घटना की व्याख्या कर रहे हैं।

 

सतीश

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