बलिया। बांसडीह विधानसभा के रेवती क्षेत्र में शासन- प्रशासन की बदहाल व्यवस्था लागतर उजागर हो रही है। यहाँ छात्रों को स्कूल जाने के लिए सड़क तक मुनासिब नहीं है। और ना ही स्कूल में अन्य सुविधा। नतीजन छात्र- छात्राएं कीचड़ से निकलकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। ये हम नहीं मीडिया रिपोर्ट कह रही है। पूरा मामला विशुनपुरा ग्राम सभा स्थित प्राथमिक स्कूल का है। स्कूल जाने वाले मार्ग में कीचड़ है। ऐसे में छात्र-छात्राओं को कीचड़युक्त पानी से होकर निकलना पड़ता है। यहां तक कि बच्चे फिसलकर गिरकर घायल होते हैं।
बता दें 2 दशक पहले स्थापित स्कूल में लाइट आदि की भी व्यवस्था नहीं है। और स्कूल के रास्ते में कीचड़ युक्त जल जमाव को लेकर स्थानीय निवासी विक्रम राजभर, रमेश राजभर और इंदु देवी आदि का कहना है कि स्कूल वाले मार्ग पर किसी का ध्यान नहीं है। बच्चे स्कूल जाते समय कीचड़ युक्त पानी में आए दिन गिर जाते हैं। समस्या को लेकर सम्बन्धित विभाग को बार-बार अवगत कराया गया लेकिन इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
इधर बिशुनपुरा ग्राम सभा के प्रधान अर्जुन चौहान का कहना कि विद्यालय जाने का कोई रास्ता नहीं है। रास्ते की जमीन के लिए लोगों से बातचीत की जा रही है। जमीन मिलते ही रास्ता बनेगा। जबकि रेवती विकास खण्ड के खण्ड विकास अधिकारी दिलीप गुप्ता का कहना है कि रेवती विकास खंड का कुछ दिनों पहले ही कार्यभार ग्रहण किया है इसलिए इसके बारे में अधिक जानकारी नहीं है।
जल्द होगा समस्या का समाधान- खण्ड शिक्षा अधिकारी रत्न शंकर पाण्डेय ने बताया कि किसी भी विद्यालय में जल जमाव आदि की जानकारी विद्यालय के प्रधानाध्यापक आदि से मिलती है तो उस विद्यालय को नजदीकी विद्यालय से अटैच कर दिया जाता है।विशुनपुरा विद्यालय को जाने वाले रास्ते की जानकारी से सम्बन्धित विभाग सहित उच्चाधिकारियों को अवगत करा चुका हूं। जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।
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